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दर्शक कैसे तय करें कि कौन सा न्यूज चैनल सही खबर दिखाता है?

Published At: Wednesday, 06 February, 2019 Last Modified: Thursday, 07 February, 2019

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

आजकल न्यूज चैनलों की भरमार है। विभिन्न चैनलों पर एक ही खबर के अलग-अलग पहलू दिखाए जाते हैं। ऐसे में दर्शक ये नहीं समझ पाते हैं कि किस चैनल की खबर को वह सही मानें और किसे गलत। इसे लेकर वे अक्सर भ्रमित रहते हैं। आखिर में लोगों को लगता है कि वे ठगे जा रहे हैं। ऐसे ही तमाम सवालों को लेकर ‘जी न्यूज’ के एडिटर-इन-चीफ सुधीर चौधरी के साथ एक बातचीत के दौरान समाचार4मीडिया डॉट कॉम के संपादकीय प्रभारी अभिषेक मेहरोत्रा ने जानना चाहा कि आखिर वे इस बारे में क्या सोचते हैं।

बातचीत के दौरान सुधीर चौधरी का कहना था, ‘एक न्यूज चैनल कहता है कि जेएनयू छात्रसंघ का पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार देश का हीरो है। दूसरा चैनल कन्हैया कुमार को देशद्रोही बताता है। तीसरा चैनल कुछ और कहता है और इस तरह की बातों से दर्शक भ्रमित हो जाते हैं। इस तरह की स्थिति से बचने के लिए सबसे पहले दर्शक को खुद जागरूक होना पड़ेगा ताकि वह किसी पर आश्रित न रहे कि कोई आकर उसे बताए कि क्या सही और क्या गलत है। इसलिए हम अपने हर शो में दर्शकों से कहते हैं कि वे अपनी राय जरूर बनाएं।’

सुधीर चौधरी का कहना था, ‘दर्शकों को खुद को अब ऐसे दौर के लिए तैयार करना पड़ेगा, जहां पर उनके सामने मिलावटी खबरें पेश की जा रही हैं। मैं इसे दर्शकों पर छोड़ता हूं कि वे ही यह तय करें कि कौन से मीडिय हाउस और कौन से पत्रकार उन्हें गलत तस्वीर दिखा रहे हैं और कौन से पत्रकार उन्हें सही खबरें दे रहे हैं।’

सुधीर चौधरी ने कहा,  ‘अब ये सवाल उठता है कि दर्शक ये कैसे पहचानेंगे कि क्या सही है और क्या गलत, इसके लिए हम अपने शो में हमेशा कहते हैं कि दर्शकों को अपनी जानकारी को ज्यादा से ज्यादा बढ़ाना चाहिए और इसके लिए दर्शकों को ज्यादा से ज्यादा पढ़ना चाहिए। उन्हें इतिहास के बारे में जरूर जानना चाहिए। इसके अलावा कानूनों के बारे में भी पता होना चाहिए,.ताकि कोई उन्हें भ्रमित न कर सके। दर्शकों को रिसर्च भी करना चाहिए, लेकिन यह मुद्दा हमारे देश में कहीं दिखाई नहीं देता है। रिसर्च का काम मीडिया से गायब है और दर्शक तो इसे कर ही नहीं पाते हैं। इसी रिसर्च को हम अपने चैनल के जरिये वापस लाना चाहते हैं। इस रिसर्च को हम न सिर्फ मीडिया में बल्कि दर्शकों के जीवन में भी लाना चाहते हैं और उन्हें बताना चाहते हैं कि रिसर्च और जानकारी उनके लिए कितनी जरूरी है।’  

सुधीर चौधरी के साथ इस बातचीत का विडियो आप यहां देख सकते हैं-



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