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सुधीर चौधरी बोले, सिर्फ ये 3 शब्द दे देते हैं मीडिया को कुछ भी लिखने की ‘आजादी’

Published At: Friday, 18 January, 2019 Last Modified: Monday, 21 January, 2019

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

दिल्ली के जवाहललाल नेहरू विश्वविद्यालय कैंपस में देशविरोधी नारा लगाने के मामले में छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार के खिलाफ दिल्ली पुलिस द्वारा पटियाला हाउस कोर्ट में चार्जशीट दाखिल होने के बाद देश की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है।

जेएनयू में करीब तीन साल पहले हुए इस मामले को उजागर करने को लेकर ‘जी न्यूज’ की भूमिका पर काफी सवाल उठे थे। हालांकि कुछ लोगों ने ‘जी न्यूज’ की काफी सराहना की थी, वहीं कुछ लोगों का कहना था कि जेएनयू में हुई घटना के विडियो से छेड़छाड़ कर चैनल द्वारा उसे जारी किया गया है। हालांकि ‘जी न्यूज’ ने दावा किया था कि जिस रॉ फुटेज को उसने जारी किया था, उससे कोई छेड़छाड़ नहीं की गई थी।

अब चूंकि यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में है, ऐसे में समाचार4मीडिया डॉट कॉम के संपादकीय प्रभारी अभिषेक मेहरोत्रा ने ‘जी न्यूज’ के एडिटर-इन-चीफ सुधीर चौधरी से इस मुद्दे पर खास बातचीत की।

इस दौरान सुधीर चौधरी ने इस घटना को दुखद बताते हुए कहा कि 9 फरवरी 2016 को जब ‘जी न्यूज’ ने इस खबर को ब्रेक किया था, तो उसके अगले दिन से ही सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ ट्रोलिंग शुरू हो गई थी। सुधीर चौधरी का कहना था, ‘खुद को उदारवादी कहने वाले ऐसे लोग सबसे पहले किसी भी घटना के विडियो को ही झूठा करार दे देते हैं। यदि घटना का विडियो नहीं होता है तो वे स्टोरी करने वाले पत्रकार और एडिटर को ही झूठा करार देते हुए उस पर बिकाऊ होने का आरोप लगा देते हैं। इसके बाद वे लोग चैनल की विश्वसीनयता पर प्रहार करते हैं।‘

सुधीर चौधरी का कहना था, ‘यदि कोई मामला अदालत में चला जाता है तो ऐसे छद्म उदारवादी लोग इसे ‘फिक्स’ बताते हुए जांच एजेंसी पर बिकाऊ होने का आरोप लगाते हैं और उसके बाद अदालत व जज की विश्वसनीयता पर चोट करते हैं। हमारे मामले में भी यही हुआ था और अगले दिन से इस चर्चा ने जोर पकड़ लिया था कि विडियो डॉक्टर्ड है यानी उससे छेड़छाड़ की गई है।’

बातचीत के दौरान सुधीर चौधरी ने कहा, ‘अब मैं लोगों से यही कहना चाहता हूं कि नौ फरवरी 2016 के बाद उस महीने के ‘डीएनए’ शो देखेंगे तो उसमें हर जगह मैंने यही कहा है कि कोई भी ये साबित करके दिखाए कि ये विडियो झूठे हैं। मैंने इस शो में यह भी कहा है कि लोगों को एक न एक दिन अपने आरोप वापस लेने पड़ेंगे। हम भाग्यशाली है कि वह दिन लगभग तीन साल में आ गया।’

सुधीर चौधरी का कहना है कि इस पूरे मुद्दे पर मीडिया ने सबसे निगेटिव भूमिका निभाई। उस समय के लगभग सभी अखबारों ने अपने फ्रंट पेज पर इसे पब्लिश किया और कहा कि कथित रूप से ये टेप डॉक्टर्ड है। सुधीर के अनुसार, ‘मीडिया का मानना है कि ‘कथित रूप से’ लिखने के बाद उन्हें कुछ भी पब्लिश करने की आजादी मिल जाती है। जब हमारे ऊपर आरोप लगाया तो पहले पेज पर तीन कॉलम में खबर पब्लिश की, जिसके बाद काफी ट्रोलिंग हुई। जब विडियो सही निकला तो किसी भी अखबार ने ये नहीं पब्लिश किया कि ‘जी न्यूज’ की न्यूज सही साबित हुई।’

उनका कहना है, ‘चूंकि कन्हैया कुमार के खिलाफ चार्जशीट में ‘जी न्यूज’ का जिक्र है और कहा गया है कि जांच में विडियो सही पाया गया है, ऐसे में ‘जी न्यूज’ का एडिटर होने के नाते मेरे लिए यह बहुत ही संतोष और खुशी की बात है। इसके साथ ही अपने दर्शकों से मैं ये कहना चाहूंकि कि सत्य की हमेशा जीत होती है। जिन लोगों ने उस समय हमारे ऊपर विश्वास किया और तीन साल तक अपना विश्वास डिगने नहीं दिया, यह उन लोगों की जीत है।’

यहां देखें इस बातचीत का विडियो-

 



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