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क्या डिजाइनर पत्रकार और गोदी मीडिया एक हो सकता है?

Published At: Monday, 28 January, 2019 Last Modified: Tuesday, 29 January, 2019

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

‘जी न्यूज’ के एडिटर-इन-चीफ सुधीर चौधरी अक्सर डिजाइनर पत्रकार शब्द का इस्तेमाल करते हैं, ऐसे में उनके विरोध में कुछ लोग ‘गोदी मीडिया’ शब्द का इस्तेमाल करने लगे हैं। आए दिन लोगों के सामने ये दोनों शब्द आते रहते हैं।   

समाचार4मीडिया डॉट कॉम के संपादकीय प्रभारी अभिषेक मेहरोत्रा ने सुधीर चौधरी से एक बातचीत के दौरान इस बारे में चर्चा की। अभिषेक मेहरोत्रा  का कहना था, ‘डिजाइनर पत्रकार’ के जवाब में ‘गोदी मीडिया’ जैसी शब्दावली को लेकर आए दिन सवाल उठाए जाते हैं, ऐसे में कई मंचों पर लोग पूछते हैं कि ये दोनों शब्द कब खत्म होंगे और एक ऐसा मीडिया बनेगा जो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की तरह जिम्मेदार व्यवहार करेगा? अभिषेक मेहरोत्रा ने सुधीर चौधरी से जानना चाहा कि इस प्रोफेशन में लंबे समय से होने के नाते आखिर वे इस बारे में क्या सोचते हैं?

इस पर सुधीर चौधरी का कहना था, ‘मेरा मानना है कि अब यह स्थिति बदलने वाली नहीं है। चाहे गोदी मीडिया की बात करें अथवा डिजाइनर पत्रकार की, दोनों मीडिया के लोग काफी आगे जा चुके हैं और अब इसमें पुरानी स्थिति नहीं आ सकती है।’

सुधीर चौधरी ने कहा, ‘अब तो यही हो सकता है कि लोकतंत्र के इस दौर में सबकुछ दर्शकों पर छोड़ दिया जाए कि वे गोदी मीडिया के साथ जाना चाहते हैं अथवा डिजाइनर पत्रकार के। उन्हें जिसका कॉन्सेप्ट पसंद आता है, वे इसके साथ जा सकते हैं। यही नहीं, लोगों के लिए यह भी जरूरी नहीं है कि वे इनमें से किसी एक का ही चुनाव करें, वे दोनों की बात सुन सकते हैं। दोनों के चैनल देख सकते हैं और जिसकी बात में ज्यादा दम दिखे, उसकी बात सुन सकते हैं।’

सुधीर चौधरी के अनुसार, ‘कौन सही है और कौन गलत, यह तय करने में रिसर्च, आंकड़े और तथ्य लोगों की काफी मदद करेंगे। हम यह सब इसलिए दिखाते हैं। यदि मैं एक उदाहरण से समझाऊं तो मान लीजिए यदि हम अभिव्यक्ति की आजादी की बात करें तो आखिर यह क्या है और इसकी सीमा कहां तक होनी चाहिए, क्या अभिव्यक्ति की आजादी कुछ भी कहने की स्वतंत्रता देती है, इन सब बातों के लिए इस संबंध में बने कानून को पढ़ना जरूरी है। यही कारण है कि मैंने अपने शो में दर्शकों को पढ़कर बताया कि इस बारे में संविधान में क्या लिखा है,ताकि दर्शकों को इस बारे में पता चले।’

सुधीर चौधरी का कहना था कि वह बिना एजेंडे के बात करने वाले पत्रकार हैं और उनके पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। यही कारण है कि वह सभी मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखते हैं और ‘नो कमेंट्स’ कहकर किसी भी सवाल से भागने की कोशिश नहीं करते हैं।

सुधीर चौधरी के साथ बातचीत का विडियो आप यहां देख सकते हैं-



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