Share this Post:
Font Size   16

कई हफ्तों से लाइमलाइट से दूर राणा यशवंत ने किया अब ये 'बड़ा' काम

Published At: Friday, 08 February, 2019 Last Modified: Friday, 08 February, 2019

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

‘इंडिया न्यूज’ के मैनेजिंग एडिटर राणा यशवंत की ग़ज़लों का अलबम ‘दरमियां’ जल्द आने वाला है। इसका प्रोमो सुनते ही आप अलग तरह की दुनिया का अहसास करते हैं। अपनी सोच और भाषा से संपन्न राणा यशवंत टीवी पत्रकारिता में खास पहचान रखते हैं। उनका अलबम ‘दरमियां’ टाइम्स म्यूजिक रिलीज कर रहा है और जैसे ही आप इसका प्रोमो सुनते हैं तो लगता है कि औऱ सुनें। यह बेचैनी ही इस बात का इशारा करती है कि अलबम काफी लोकप्रिय होगा और अच्छा खासा कारोबार करेगा।

पत्रकारिता में बेहद सक्रिय रहने वाले राणा यशवंत अपनी तबीयत खराब होने के बाद करीब दो महीने से पूरी तरह से सक्रिय नहीं थे, लेकिन आपको यह जानकार हैरत होगी कि इन दो महीनों में उन्होंने न सिर्फ कई अच्छी किताबें पढीं, बल्कि ‘दरमियां’ जैसे अलबम की पूरी तैयारी की और ‘अर्धसत्य’ नाम से एक किताब को भी आखिरी मकाम तक पहुंचाया। इस किताब के कुछ चैप्टर इस साल के चुनावों के दौरान लिखे जाने हैं, इसलिए किताब जुलाई तक आ सकती है। गोरतलब है कि राणा यशवंत का काफी लोकप्रिय साप्ताहिक शो है ‘अर्धसत्य’। इसी शो के कुछ चुनिंदा एपिसोड पत्रकारिता और साहित्य के सांझा चूल्हे के तौर पर किताब की शक्ल में आएंगे।

इसके अलावा राणा यशवंत ने ‘मन पाखी’ नाम से एक प्रेम उपन्यास का प्लॉट भी तैयार कर लिया है। बतौर राणा यशवंत, यह उपन्यास हिंदी में प्रयोग और कथ्य दोनों लिहाज से अलग जगह बनाएगा। उनके काव्य संग्रह ‘अंधेरी गली का चांद’ जो 2016 में आया था, उसकी कविताओं की प्रशंसा साहित्य की दुनिया के दिग्गज केदारनाथ सिंह, अरुण कमल, उदय प्रकाश, मंगलेश डबराल जैसे बड़े कवियों ने की थी। केदारनाथ सिंह ने तो उनकी कई कविताओं का पाठ तक किया था।

खबरों की दुनिया में रहने और खबरों की गहरी समझ रखनेवाले राणा य़शवंत भले ही पिछले दो महीनों से रोज-रोज की सक्रियता से दूर रहे हों, लेकिन जीवन की सक्रियता से वे तनिक भी अलग नहीं दिख रहे। आप जब भी उनसे बात करें, वे आखिर में ये जरूर कहेंगे, ‘यार जीवन का अपना कुछ मतलब तो होना चाहिए ना?’ शायद इसी मतलब की खोज में वो लगातार बेचैन रहते हैं। इसी बेचैनी ने तीन खूबसूरत चीजों को पैदा किया। ‘अर्धसत्य’ जो उदारीकरण के बाद बनते भारत की चुनौतियों की एक खास अंदाज में बात करेगा, ‘मन पाखी’ बाजारीकरण और चुनौतियों से घिरे जीवन में प्रेम को पहचानता-महसूसता नजर आएगा तो "दरमियां" कई तरह के अहसास लिए अपने साथ बहा ले जाएगा। नीचे ‘दरमियां’ का प्रोमो जरूर सुनिए। इस अलबम के आने से पहले ही राणा यशवंत को बधाई।

 



पोल

सोशल मीडिया पर पत्रकारों को निशाना बनाया जा रहा है, क्या है आपका मानना?

पत्रकार भी दूध के धुले नहीं हैं, उनकी भी जवाबदेही होनी चाहिए

ये पेड आईटी सेल द्वारा पत्रकारिता को बदनाम करने की साजिश है

Copyright © 2019 samachar4media.com