Share this Post:
Font Size   16

NDTV से टूटा वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी का नाता, अब करेंगे इंडिपेंडेंट जर्नलिज्म...

Published At: Friday, 10 August, 2018 Last Modified: Friday, 10 August, 2018

समाचार4मीडिया ब्‍यूरो ।।

वरिष्‍ठ पत्रकार हृदयेश जोशी का 'एनडीटीवी' (NDTV) में करीब 16 वर्षों का सफर अब थम गया है। एनडीटीवी में राष्‍ट्रीय मामलों के वरिष्‍ठ संपादक हृदयेश जोशी ने ट्वीट कर अपने इस्‍तीफे की जानकारी दी है। वे अब कुछ समय के लिए इंडिपेंडेंट जर्नलिज्म यानी स्वतंत्र पत्रकारिता करेंगे , जिसके तहत वे अब कुछ समय के लिए पर्यावरण, जमीन, माइनिंग, जंगल जैसे अहम विषयों पर स्वतंत्र लेखन करेंगे।  एनडीटीवी में वे जनवरी 2003 से जुड़े हुए थे।



गौरतलब है कि हृदयेश जोशी को उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए दो बार प्रतिष्ठित रामनाथ गोयनका पुरस्कार दिया जा चुका है। यह पुरस्‍कार दो बार हासिल करने वाले वह चुनिंदा पत्रकारों में शामिल हैं। पहली बार यह पुरस्‍कार उन्‍हें वर्ष 2009 में चीन से की गई रिपोर्टिंग के लिए दिया गया था। इसके बाद दूसरी बार उन्‍हें वर्ष 2010 में सेंट्रल इंडिया के वॉर जोन एरिया से रिपोर्टिंग के लिए दिया गया था।

हृदयेश जोशी ‘Rage Of The River – The Untold Story Of The Kedarnath Disaster’,  ‘Lal Lakeer’ (The Red Line) और 'तुम चुप क्यों रहे केदार' नामक किताबें भी लिख चुके हैं। दस साल से अधिक समय तक जोशी ने लगातार राज्‍य सरकार और माओवादियों के बीच चल रहे सशस्‍त्र संघर्ष को कवर किया है। जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण से छेड़छाड़ के हिमालय के क्षेत्र में पढ़ने वाले प्रभाव का अध्‍ययन करने में भी उनकी काफी रुचि है।



पोल

सोशल मीडिया पर पत्रकारों को निशाना बनाया जा रहा है, क्या है आपका मानना?

पत्रकार भी दूध के धुले नहीं हैं, उनकी भी जवाबदेही होनी चाहिए

ये पेड आईटी सेल द्वारा पत्रकारिता को बदनाम करने की साजिश है

Copyright © 2019 samachar4media.com