Share this Post:
Font Size   16

‘द ट्रिब्यून’ ने किया ये बड़ा खुलासा, 500 रुपये में 100 करोड़ की जानकारी...

Thursday, 04 January, 2018

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

अंग्रेजी दैनिक ‘द ट्रिब्यून’ की एक महिला पत्रकार ने यूआईडीएआई के उस दावे की पोल खोल दी है, जिसमें उसने यह दावा किया था कि आधार डेटा पूरी तरह से सुरक्षित है और यूआईडीएआई में कोई डेटा लीक या गड़बड़ी नहीं हुई है। लेकिन महिला रिपोर्टर रचना खैरा ने आधार की सुरक्षा चूक से जुड़ी एक बड़ी खबर दी है।

अंग्रेजी अखबार ‘द ट्रिब्यून’ में छपी यह रिपोर्ट बताती है कि आपका आधार नंबर सेफ नहीं है। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ‘द ट्रिब्यून’ ने वॉट्सऐप के जरिए सर्विस देने वाले एक ट्रेडर से 100 करोड़ आधार कार्ड्स की जानकारी खरीदी।

रिपोर्ट के मुताबिकअखबार की तहकीकात में एक एजेंट के बारे में पता लगा जिसने अपना परिचय अनिल कुमार के रूप में दिया और उसने पत्रकार को ऐसे एक्सेस पोर्टल के बारे में बताया जहां वे आधार के सम्बन्धित जानकारियां पा सकता है। अनिल ने नामई-मेल और मोबाइल नंबर मांगा, जिसके बाद उसने एक नंबर दिया जिस पर पेटीएम के माध्यम से 500 रुपए ट्रांसफर करने को कहा। पैसे मिलने के बाद एजेंट ने मात्र 10 मिनट में पत्रकरा को लॉग-इन आईडी और पासवर्ड देकर पोर्टल के जरिए किसी की भी पर्सनल जानकारी देखने की सुविधा दे दी। इसके जरिए कोई भी आधार नंबर डालते ही उस व्यक्ति की तमाम जानकारियां मिल जाती है, जो उसने यूआईडीएआई (यूनिक आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया) को दी है, जैसे- नामपतापोस्टल कोडफोटोनंबरई-मेल आदि।

इस रिपोर्ट के मुताबिक500 रुपए के अलावा 300 रुपए और देने के बाद एजेंट ने रिपोर्टर को एक सॉफ्टवेयर भी दिया, जिसके माध्यम से आधार नंबर देकर आधार कार्ड प्रिंट किया जा सकता है।

जब एजेंट से इन आधार कार्ड्स का प्रिंट करवाने के लिए बोला गया तो उसने पेटीएम के माध्यम से फिर से 300 रुपए लिए और फिर रिमोट से 'टीम व्यूवरके माध्यम से तहकीकात करने वाली रिपोर्टर के कंप्यूटर में एक सॉफ्टवेयर इंस्टाल किया और जैसे ही काम खत्म हुआ तो उसने तुरंत सॉफ्टवेयर डिलीट कर दिया। 

इस सारे घटना क्रम को समझने के बाद जब यूआईडीएआई से संपर्क किया गया तो  उसने इस मामले को गंभीर माना और स्वीकार किया कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा में एक बड़ी चूक है। चंडीगढ़ में यूआईडीएआई क्षेत्रीय केंद्र के एडिशनल डायरेक्टर जनरल संजय जिन्दल ने कहा कि पंजाब में डायरेक्टर जनरल और उन्हें छोड़कर कोई भी तीसरा व्यक्ति उनके आधिकारिक पोर्टल का लॉग इन ऐक्सस नहीं रख सकता है। किसी और का ऐक्सेस होना अवैध है। उन्होंने कहा कि वो इस मामले को जल्द से बेंगलुरु स्थित यूआईडीएआई के टेक्निकल टीम के पास ले जाएंगे।

हालांकिबाद में यूआईडीएआई ने इस रिपोर्ट का खंडन भी कर दिया। यूआईडीएआई ने  आश्वस्त किया कि किसी भी तरह का आधार डेटा लीक नहीं हुआ है। बायोमैट्रिक जानकारी सहित आधार का डेटा पूरी तरह सुरक्षित है।

अखबार के मुताबिकये ग्रुप करीब 6 महीने से सक्रिय है। एक रैकेट ने सबसे पहले उन तीन लाख ग्रामीण लोगों को टारगेट कियाजिन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से कॉमन सर्विस सेंटर स्कीम के तहत जो सेंटर खोले थे। उन्होंने इन लोगों से आधार के बारे में सारी जानकारी निकालना आसान समझा और उन्हें ही अपने चगुंल में फंसा लिया।

गौरतलब है कि आधार कार्ड धारकों का डेटा लीक होने का यह कोई पहला मामला सामने नहीं आया है, इसके पहले भी करोड़ो आधार कार्ड धारकों का डेटा चार सरकारी वेबसाइट्स से लीक होने की रिपोर्ट्स आई थीं। बेंगलुरु स्थित संगठन सेंटर फॉर इंटरनेट ऐंड सोसाइटी (CIS) द्वारा की गई स्टडी में यह दावा किया गया था कि आधार नंबरनाम और निजी डेटा लीक हुआ है, जिसके बाद मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स और इन्फर्मेशन टेक्नॉलजी ने सभी विभागों को बेहतर डेटा सिक्यॉरिटी के संबंध में नई गाइडलाइन्स भेजी, जिसमें लिखा है, 'आधार नंबर या अन्य उसके साथ जुड़ी अन्य जानकारियों को सार्वजनिक करना आधार ऐक्ट 2016 के प्रावधानों के खिलाफ है और अपराध भी है। इसके लिए 3 साल तक की सजा हो सकती है। बैंक डिटेल्स और अन्य फाइनैंशल डिटेल्स को संवेदनशील निजी जानकारी माना जाता है और आईटी ऐक्ट 200 के तहत प्रभावित व्यक्ति को मुआवजा देना पड़ सकता है।

द ट्रिब्यून' की ये पूरी खबर आप नीचे हेडिंग पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं:

Rs 500, 10 minutes, and you have access to billion Aadhaar details 



समाचार4मीडिया.कॉम देश के प्रतिष्ठित और नं.मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया में हम अपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी रायसुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं। 

Tags headlines


पोल

क्या इंडिया टीवी के चेयरमैन रजत शर्मा का क्रिकेट की दुनिया में जाना सही है?

हां, उम्मीद है कि वे वहां भी उल्लेखनीय कार्य कर सुधार करेंगे

नहीं, जिसका काम उसी को साजे। उनका कर्मक्षेत्र मीडिया ही है

बड़े लोगों की बातें, बड़े ही जाने, हम तो सिर्फ चुप्पी साधे

Copyright © 2018 samachar4media.com