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राजदीप सरदेसाई ने Times Now और Republic TV पर उठाए सवाल...

Published At: Saturday, 01 December, 2018 Last Modified: Tuesday, 04 December, 2018

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

फर्जी न्यूज़ या गलत तथ्यों के आधार पर ख़बरों के फैलते कारोबार पर लगाम लगाने के लिए हर स्तर पर प्रयास हो रहे हैं। सरकार के साथ-साथ तमाम मीडिया संगठन भी इसके खिलाफ खड़े हुए हैं, लेकिन यदि नामी-गिरामी मीडिया हाउस खुद ही इसे बढ़ावा दे तो? वरिष्ठ पत्रकार और ‘इंडिया टुडे’ समूह के कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई के एक ट्वीट से यह सवाल खड़ा हो गया है। दरअसल, सरदेसाई ने ऑल्ट न्यूज़ की एक खबर शेयर की है, जिसमें ‘टाइम्स नाउ’ (Times Now) और ‘रिपब्लिक टीवी’ (Republic TV) की रिपोर्ट पर सवाल खड़े किए गए हैं। 

ऑल्ट न्यूज़ का दावा है कि इन दोनों न्यूज़ चैनलों ने तेलंगाना विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस द्वारा जारी किए गए घोषणा पत्र को न केवल गलत तरीके से पेश किया, बल्कि जनता को आधी-अधूरी जानकारी दी, ताकि कांग्रेस को पूरी तरह से समुदाय विशेष की हिमायती के तौर पर दर्शाया जा सके। राजदीप सरदेसाई ने इस खबर का लिंक ट्वीट करते हुए लिखा है, ‘आखिर कब तक ऐसे न्यूज़ चैनलों को जारी रखा जाएगा? आत्म-नियंत्रण जैसा कुछ है या नहीं’? सरदेसाई का ये ट्वीट एकदम से वायरल हो गया है, अब तक इसे 3 हजार बार रीट्वीट किया जा चुका है और 7 हजार के आस पास लोगों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। 

ऑल्ट न्यूज़ ने ‘टाइम्स नाउ और रिपब्लिक टीवी ने तेलंगाना के लिए कांग्रेस के घोषणापत्र को मुस्लिम केन्द्रित बताया’ इस शीर्षक तले खबर प्रकाशित की है। इस न्यूज़ में बताया गया है कि ‘टाइम्स नाउ’ की मैनेजिंग एडिटर नविका कुमार और ‘रिपब्लिक टीवी’ के एडिटर-इन-चीफ अरनब गोस्वामी ने अपने शो में भी कांग्रेस के घोषणापत्र को लेकर गलत तथ्य पेश किए। मसलन, नविका कुमार ने कहा कि ‘अस्पताल मुस्लिमों के लिए बनाए जाएंगे, स्कूल मुस्लिमों के लिए बनाए जाएंगे’, इसी तरह अरनब गोस्वामी ने कहा कि ‘कांग्रेस ने तेलंगाना में मुस्लिम अस्पताल बनाने का वादा किया है’ जबकि घोषणापत्र में ‘अल्पसंख्यक समुदाय वाले क्षेत्रों में सरकारी अस्पतालों के निर्माण की बात कही गई है।  

ऑल्ट न्यूज़ के मुताबिक, 27 नवंबर को ‘टाइम्स नाउ’ के शो में कहा गया कि कांग्रेस ने तेलंगाना चुनाव में मुस्लिमों को लुभाने के लिए केवल मुसलमानों पर केंद्रित योजनाओं का वादा किया है, जिसमें मस्जिद और चर्चों के लिए मुफ्त बिजली, मुस्लिम युवाओं के लिए सरकारी ठेकों में विशेष अवसर आदि शामिल हैं। जबकि असलियत में घोषणापत्र में मस्जिद और चर्च के साथ ही मंदिर का भी जिक्र है, जिसे चैनल ने पूरी तरह से नज़रंदाज़ कर दिया। 

ऑल्ट न्यूज़ का यह भी दावा है कि अरनब गोस्वामी ने अपने डिबेट शो में कहा था कि ‘मस्जिद के इमाम को 6000 मिलेंगे, मंदिर के पुजारी को नहीं मिलेंगे’। जबकि, कांग्रेस के घोषणापत्र में कहा गया है कि 643 मंदिरों में काम कर रहे पुजारियों को राज्य सरकार के कर्मचारियों के बराबर वेतन दिया जाएगा। साथ ही उन्हें दुर्घटना बीमा और स्वास्थ्य कार्ड भी मिलेगा। हालांकि, इसमें इमाम, पादरी का भी जिक्र है, लेकिन इस तरह से इसे पेश किया गया, उससे यही संदेश गया कि कांग्रेस ने पुजारियों की बात ही नहीं की है।   

बात केवल यहीं ख़त्म नहीं होती, ऑल्ट न्यूज़ ने कई और बिंदु रेखांकित किए हैं, जहां ‘टाइम्स नाउ’ और ‘रिपब्लिक टीवी’ ने अपने दर्शकों को गलत या आधे-अधूरे तथ्यों के आधार पर जानकारी प्रदान की। राजदीप सरदेसाई ने एक वाजिब सवाल उठाया है, क्योंकि यदि फर्जी न्यूज़ के खिलाफ खड़े होने वाले ही इस लड़ाई को कमजोर करने का प्रयास करेंगे, तो फिर तस्वीर बदलने वाली नहीं है।  

यदि आप ऑल्ट न्यूज़ की पूरी खबर पढ़ना चाहते हैं, तो इस लिंक पर क्लिक कर सकते हैं-

https://www.altnews.in/times-now-and-republic-tv-misreport-congress-manifesto-for-telangana-as-muslim-centric/

 

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