Share this Post:
Font Size   16

NDTV को मिले 350 करोड़ के मामले में अब आया ये नया मोड़...

Published At: Wednesday, 04 July, 2018 Last Modified: Wednesday, 04 July, 2018

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

'विश्‍वप्रधान कॉमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड' (VCPL) ने सेबी  के उस आदेश को सिक्योरिटीज अपीलेट ट्राइब्यूनल (सैट) में चुनौती देने का मन बना लिया है, जिसमें सेबी ने वीसीपीएल को 'एनडीटीवीकी 52 फीसदी हिस्सेदारी सार्वजनिक करने के आदेश दिया है। साथ ही सेबी ने वीसीपीएल से कहा था कि जुलाई 2009 में कंपनी को दिए गए 350 करोड़ रुपए का लोन चुकाने के लिए वह ओपन ऑफर लाए।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिकवीसीपीएल ने वर्ष 2009 में 'एनडीटीवीके मालिक प्रणॉय रॉय को आर्थिक मंदी से बाहर निकालने के लिए 350 करोड़ रुपए का कन्वर्टिबल लोन दिया था। खबरों की माने तो उसने यह लोन आरआरपीआर के वॉरंट्स के बदले दिया था। आरआरपीआरएनडीटीवी की प्रमोटर फर्म है। इस कर्ज के बदले आरआरपीआर ने वॉरंट्स को एनडीटीवी के 99.99 पर्सेंट इक्विटी शेयर में बदलने का अधिकार दिया था।

कन्वर्टिबल लोन के जरिए ही इस कंपनी ने चुपचाप 'एनडीटीवीकी 52 फीसदी हिस्सेदारी ले ली थी। इसके अलावा सेबी ने रिलायंस से इतना बड़ा कनवर्टिबल लोन लेने की जानकारी छिपाने को लेकर प्रणॉय रॉय से भी जवाब मांगा था, जिसके बाद सोमवार को एनडीटीवी लिमिटेड ने कहा कि उसके प्रवर्तक प्रणॉय रॉय और राधिका रॉय के पास व्यक्तिगत रूप से और उनकी कंपनी आरआरपीआर होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड के जरिए उसके 61.45 प्रतिशत शेयर हैं और एनडीटीवी इन्हीं के नियंत्रण में है।

वहीं वीसीपीएल ने सेबी को बताया था कि उसने लोन के लिए रकम रिलायंस स्ट्रैटेजिक इनवेस्टमेंट लिमिटेड से ली थीजो रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की पूर्ण हिस्सेदारी वाली सब्सिडियरी है। अब रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास इस कंपनी का मालिकाना हक नहीं है और अब यह फर्म नाहटा ग्रुप की है।


समाचार4मीडिया.कॉम देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया में हम अपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी रायसुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं। 

Tags headlines


पोल

क्या इंडिया टीवी के चेयरमैन रजत शर्मा का क्रिकेट की दुनिया में जाना सही है?

हां, उम्मीद है कि वे वहां भी उल्लेखनीय कार्य कर सुधार करेंगे

नहीं, जिसका काम उसी को साजे। उनका कर्मक्षेत्र मीडिया ही है

बड़े लोगों की बातें, बड़े ही जाने, हम तो सिर्फ चुप्पी साधे

Copyright © 2018 samachar4media.com