Share this Post:
Font Size   16

इस बड़े मीडिया ग्रुप ने बंद किया अपना अखबार

Published At: Friday, 11 January, 2019 Last Modified: Friday, 11 January, 2019

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

‘दैनिक भास्कर’ समूह का अंग्रेजी अख़बार ‘डीबी पोस्ट’ बंद हो गया है। राजधानी भोपाल से प्रकाशित होने वाले इस अख़बार का आखिरी अंक 7 जनवरी को आया था। इससे पूर्व 6 जनवरी को प्रबंधन द्वारा इस संबंध में एक सूचना प्रकाशित की गई थी।

‘डीबी पोस्ट’ भास्कर समूह का दूसरा असफल प्रयोग साबित हुआ है। इससे पहले समूह ने बिज़नेस की दुनिया में अपने पैठ ज़माने के लिए ‘बिज़नेस भास्कर’ लांच किया था, लेकिन वो भी लंबी दूरी तय नहीं कर सका। सूत्रों के मुताबिक, ‘डीबी पोस्ट’ के कुछ कर्मियों को भास्कर के मुंबई या दूसरे कार्यालयों में शिफ्ट किया गया है। अधिकांश को तीन महीने की सैलरी देकर विदा कर दिया गया है। प्रबंधन द्वारा अचानक लिए गए इस फैसले से पत्रकारों के सामने नए साल की शुरुआत में ही नई नौकरी खोजने का संकट खड़ा हो गया है।

वैसे, कुछ पत्रकारों ने अख़बार की स्थिति और प्रबंधन के मिजाज को पहले ही भांप किया था, इसलिए वो समय रहते ठिकाना बदलने में कामयाब रहे। कहा जा रहा है कि ‘डीबी पोस्ट’ के संपादक दीप हल्दर का समूह छोड़ना इसी का हिस्सा था। हल्दर काफी पहले ही डीबी पोस्ट से अलग हो गए थे,  इसके बाद से अख़बार में संपादक का पद खाली था। हल्दर इस वक़्त ‘इंडिया टुडे’ ग्रुप में एग्जिक्यूटिव एडिटर की ज़िम्मेदारी संभाल रहे हैं।

‘दैनिक भास्कर’ समूह ने जब भोपाल से अंग्रेजी पत्रकारिता में कदम रखने का फैसला लिया था, तभी इस पर सवाल खड़े हो रहे थे। भोपाल में अंग्रेजी अख़बारों के लिए माहौल ज्यादा अच्छा नहीं है। ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ को भी यहां से जाना पड़ा था। जानकारों का भी मानना था कि ‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ के मुकाबले अंग्रेजी अख़बार लांच करना घाटे का सौदा हो सकता है, लेकिन भास्कर प्रबंधन ने सलाह और आशंकाओं को दरकिनार करते हुए ‘डीबी पोस्ट’ लांच किया। शुरुआत में अख़बार ने काफी अच्छा प्रदर्शन भी किया। पत्रकारिता जगत के कई बड़े नाम डीबी पोस्ट से जुड़े, लेकिन थोड़े ही वक़्त में उन्हें अख़बार का भविष्य अंधकारमय नज़र आने लगा। इसलिए एक-एक करके उन्होंने नया ठिकाना तलाश लिया।

कंटेंट के मामले में ‘डीबी पोस्ट’ ने कई प्रयोग किये और उसमें सफल भी रहा, मगर ‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ के सर्कुलेशन में सेंध लगाने में उसे पर्याप्त सफलता नहीं मिली। बताया जा रहा है कि लगातार हो रहे घाटे के मद्देनजर भास्कर प्रबंधन ने काफी पहले ही तय कर लिया था कि नए साल की शुरुआत में ‘डीबी पोस्ट’ को बंद कर दिया जाएगा। प्रबंधन अब डिजिटल प्लेटफार्म पर ‘डीबी पोस्ट’ की उपस्थिति को मजबूत करने पर जोर दे रहा है। कुछ पत्रकारों को प्रबंधन की तरफ से आश्वासन भी मिला है कि थोड़े समय बाद उन्हें ‘डीबी पोस्ट डिजिटल’ के साथ नई पारी शुरू करने का मौका मिलेगा। हालांकि, इसमें कितनी सच्चाई है ये तो वक़्त ही बताएगा, फ़िलहाल तो पत्रकारों के सामने नई नौकरी तलाशने का संकट खड़ा हो गया है।



पोल

पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार कानून बनाने जा रही है, इस पर क्या है आपका मानना

सिर्फ कानून बनाने से कुछ नहीं होगा, कड़ाई से पालन सुनिश्चित हो

अन्य राज्य सरकारों को भी इस दिशा में कदम उठाने चाहिए

सरकार के इस कदम से पत्रकारों पर हमले की घटनाएं रुकेंगी

Copyright © 2019 samachar4media.com