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सरकार ने पत्रकारों को दी ये सौगात...

Published At: Wednesday, 19 September, 2018 Last Modified: Wednesday, 19 September, 2018


समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

मध्यप्रदेश में पत्रकारों के लिए ये खुशी की खबर है। दरअसल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में पत्रकारों के हित में लिए कुछ निर्णय लिए गए हैं। दरअसल, पत्रकारों को मिलने वाले स्वास्थ्य एवं दुर्घटना समूह बीमा योजना में कैशलेस की सीमा राशि बढ़ा दी गई है। पहले यह सीमा राशि 2 लाख रुपए थी, जोकि बढ़ाकर 4 लाख रुपए करने कर दी गई है।

वहीं इसके साथ ही पत्रकार की मृत्यु होने पर परिवार को मिलने वाली दुर्घटना बीमा सहायता राशि 10 लाख रुपए की गई है। इतना ही नहीं मंत्रिपरिषद ने पत्रकारों की चिकित्सा सहायता योजना के नियमों में माता-पिता को भी शामिल करने का निर्णय लिया है।

बता दें कि मध्यप्रदेश संचार प्रतिनिधि कल्याण सहायता नियम 2005 में पारिवारिक परिभाषा में आश्रित माता-पिता, जो शासकीय कर्मचारी नहीं हों और जिनकी पेंशन सहित सभी स्त्रोतों से वार्षिक आय एक लाख रुपए से अधिक नहीं हो, का नाम शामिल करने का निर्णय लिया है।

बता दें कि, पत्रकारों की पुरानी पॉलिसी 30 सितंबर, 2018 को समाप्त हो जाएगी। पूर्व में बीमित पत्रकार 25 सितंबर तक आवेदन करेंगे, तब उनकी नई पॉलिसी 1 अक्टूबर, 2018 से प्रभावी होगी, नहीं तो आवेदन की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर, 2018 के बाद पॉलिसी प्रभावी होगी। इसके लिए मध्यप्रदेश सरकार की ओर से आज (19 सितंबर, 2018) अखबारों में विज्ञापन भी जारी किया गया है, जिसे आप नीचे देख भी सकते हैं।

योजना का विवरण, प्रीमियम तालिका और फॉर्म जनसंपर्क की वेबसाइट (www.mpinfo.org)  से डाउनलोड किया जा सकता है।

वहीं दूसरी तरफ बता दें कि पत्रकारों को दिए जाने वाली इन योजनाओं में संशोधन करने पर मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को धन्यवाद दिया। 

मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के अध्यक्ष शलभ भदौरिया और मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष शरद जोशी ने बताया कि 1 मई 2005 को तत्कालीन मुख्यमंत्री बाबूलाल गौड़ को दिए ज्ञापन में श्रमजीवी पत्रकार के आश्रित माता-पिता को भी पत्रकार कल्याण योजना में शामिल करने का अनुरोध किया था,ताकि सामाजिक आवश्यकता के साथ ही बीमारी की दशा में आर्थिक सहायता मिल सके। प्रदेश सरकार ने पत्रकार कल्याण कोष का विस्तार कर यह मांग भी आज स्वीकार की है,यह प्रदेश के पत्रकार जगत के लिए काफी महत्वपूर्ण है। सरकार ने पूर्व में भी पत्रकार बीमा योजना में गैर अधिमान्य पत्रकारों को भी शामिल करने का निर्णय करके डेस्क व फील्ड में कार्यरत श्रमजीवी पत्रकारों को भी लाभांवित किया है। साथ ही इलाज की राशि में भी वृद्धि किए जाने से कई गंभीर रोगों का इलाज अब हो सकेगा। 

वहीं इस दौरान श्रमजीवी पत्रकार संघ ने सरकार से जल्द पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने के लिए भी आग्रह किया, ताकि पत्रकार निर्भीक और स्वतंत्र रूप से अपने कर्तव्य का निर्वहन कर सके।   





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