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जानें, क्यों जस्टिस काटजू ने मीडिया को कहा ‘कायर’

Published At: Monday, 04 February, 2019 Last Modified: Monday, 04 February, 2019

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

क्या मीडिया सत्ता, प्रतिष्ठानों के खिलाफ उठने वाली आवाजों को अनसुना कर देता है? सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू के फेसबुक पोस्ट से यह सवाल फिर खड़ा हो गया है। काटजू बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं और अपने पोस्ट में भी उन्होंने बड़ी ही बेबाकी से मीडिया की निष्पक्षता पर उंगली उठाई है।

दरअसल, जस्टिस काटजू ने मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई से चार सवाल पूछते हुए एक लेख लिखा और टीवी तथा प्रिंट के तमाम बड़े संपादकों और पत्रकारों को भेजा था, लेकिन किसी ने भी उसमें दिलचस्पी नहीं दिखाई। पत्रकारों के इस रवैये से काटजू इतने नाराज़ हुए कि उन्होंने अपने चिरपरिचित अंदाज़ में भारतीय मीडिया को ‘कायर’ करार दे डाला।

जस्टिस काटजू ‘प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया’ के अध्यक्ष भी रह चुके हैं, लिहाजा उन्हें पूरी उम्मीद थी कि उनके लेख को कहीं न कहीं जगह ज़रूर मिलेगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा व्यक्त करते हुए मीडिया को जमकर कोसा। उन्होंने ‘कायर भारतीय मीडिया’ शीर्षक तले अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा ‘मैंने ‘रंजन गोगोई के लिए चार सवाल’ लेख लिखा और उसे ईमेल द्वारा कई मीडिया संस्थानों को भेजा। इसमें कई टीवी चैनलों के प्रमुख एंकर, संपादक और कई प्रमुख अखबारों के वरिष्ठ पत्रकार शामिल थे, जो सामान्य तौर पर मोर की तरह अकड़कर चलते हैं। ज्यादातर ने मेरे ईमेल का संज्ञान ही नहीं लिया। कुछ ने जवाब दिया, लेकिन ये बताने के लिए कि वे लेख नहीं छाप सकते। आख़िरकार मैंने इस लेख को एक अमेरिकी पोर्टल इंडिकान्यूज़.कॉम को भेजा, जहां ये छपा। इस पोर्टल को कैलिफोर्निया में रहने वाली एनआरआई रितु झा चलाती हैं’।

जस्टिस काटजू ने आगे लिखा कि कोई आश्चर्य नहीं कि आडवाणी ने इमरजेंसी के दौर के भारतीय मीडिया बारे में कहा था कि ‘जब उसे झुकने के लिए कहा गया तो वह रेंगने लगा।‘ जस्टिस मार्कंडेय काटजू शुरुआत से ही विवादों में रहे हैं। उनके बयान खासकर हिंदूवादी विचारधारा रखने वालों को रास नहीं आते हैं। हाल ही में उन्होंने गाय को लेकर भी कुछ ऐसा कह दिया था, जिसे स्वीकार करना आमजन के लिए मुश्किल है। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई से भी उन्होंने जो चार सवाल पूछे हैं, वह काफी तीखे हैं। आप जस्टिस काटजू के पूरे लेख को यहां पढ़ सकते हैं-

https://indicanews.com/2019/02/03/four-questions-for-ranjan-gogoi/



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