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फिर पुराने रूप में दिखे अरनब गोस्वामी, BJP पर दागे तीखे सवाल

Published At: Monday, 07 January, 2019 Last Modified: Monday, 07 January, 2019

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

मीडिया से लेकर राजनीति के गलियारों में खूब चर्चा बटोरते हैं अरनब गोस्वामी। अरनब को अपने तीखे सवालों के लिए जाना जाता है, लेकिन पिछले कुछ समय से उनकी छवि भाजपा समर्थक पत्रकार की बन गई है।

हालांकि, इसमें कितनी सच्चाई है, यह अलग मसला है, पर अधिकांश लोगों का मानना है कि रिपब्लिक टीवी के अस्तित्व में आने के बाद से अरनब प्रो भाजपा हो गए हैं। यानी वह ऐसे मुद्दों को पुरजोर तरीके से उठाने से कतराते हैं, जो सीधे तौर पर भाजपा को प्रभावित करते हैं और पार्टी नेताओं से पूछे जाने वाले सवालों में अब तीखापन भी नज़र नहीं आता। शायद अरनब को भी इसका अहसास है, और इसलिए उन्होंने पुरानी राह पर चलने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसकी एक बानगी उनके ‘संडे डिबेट’ शो में देखने को मिली। इस शो में अन्य अतिथियों के साथ भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉक्टर सुधांशु त्रिवेदी भी उपस्थित थे।

‘संडे डिबेट’ में जो कुछ हुआ उसकी उम्मीद न तो दर्शकों और न ही शायद सुधांशु त्रिवेदी को रही होगी। शो शुरू होते ही अरनब ने एक के बाद एक सवाल त्रिवेदी पर दागने शुरू किए। खास बात ये रही कि सवालों का तीखापन बिलकुल वैसा ही था, जैसा पहले हुआ करता था। डिबेट में कुछ मौकों पर यह साफ़ तौर पर नज़र आया कि अरनब अपनी ‘भाजपा समर्थित’ छवि से बाहर निकलना चाहते हैं। उन्होंने सुधांशु त्रिवेदी को ‘मास्टर लायर्स’ तक कह डाला।

दरअसल, बात उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में हुई हिंसा से शुरू हुई और फिर राम मंदिर सहित कई ऐसे मुद्दों तक पहुंच गई, जो निश्चित तौर पर भाजपा के लिए चुभने वाले हैं। अरनब गोस्वामी ने ललित मोदी कांड पर त्रिवेदी को घेरते हुए कहा कि ‘उस वक़्त हमने वसुंधरा राजे के हस्ताक्षर वाले जो पेपर दिखाए थे, लेकिन आपने उन्हें झूठा करार दिया था। आपने पत्रकारों को झूठा कहा था। आप लोग झूठ बोलने में माहिर हैं’। इसके बाद अरनब बात को उत्तर प्रदेश की ओर ले गए। उन्होंने कहा ‘उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था पर आप लोग हर रोज़ झूठ बोलते हैं, जबकि वहां के हालात किसी से छिपे नहीं हैं।’

अपने चिरपरिचित अंदाज़ में उन्होंने बात ख़त्म किए बिना एकदम से राम मंदिर का मुद्दा उठा लिया। अरनब ने भाजपा के 1996 के घोषणापत्र का हवाला देते हुए कहा ‘आप लोगों ने कहा था कि राम मंदिर भारत माता को सच्ची श्रद्धांजलि होगा...लेकिन सत्ता में आने के बाद भी आपने मंदिर के लिए कुछ नहीं किया...आपने चूं तक नहीं की...और आज 22 साल बाद आप फिर वही झूठ बोल रहे हैं।’  

अरनब गोस्वामी जिस तरह से ‘संडे डिबेट’ में बोल रहे थे, उसे देखकर कुछ देर के लिए लगा ही नहीं कि वो अब ‘टाइम्स नाउ’ का नहीं बल्कि 'रिपब्लिक टीवी' का हिस्सा हैं। ‘टाइम्स नाउ’ में अरनब के सवालों की धार उतनी ही तेज़ हुआ करती थी, जितनी की ‘संडे डिबेट’ में इस बार देखने को मिली। राम मंदिर के बाद रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ ने ‘फेक न्यूज़’ पर भाजपा नेता को कठघरे में खड़ा किया। वो एक के बाद एक लगातार सवाल दागे जा रहे थे और सुधांशु त्रिवेदी के सामने सुनने के सिवा कोई और विकल्प नहीं था।

अरनब ने हरियाणा के भाजपा नेता विजेता मालिक का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने एक तस्वीर शेयर की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि बंगाल में हिंदुओं की ये स्थिति है, जबकि बाद में पता चला कि वो तस्वीर भोजपुरी फिल्म की थी। पिक्चर के स्टिल शॉट को लेकर वो कहते हैं कि वेस्ट बंगाल में हिंदुओं पर अत्याचार हो रहा है। यदि उसके बाद दंगे हो जाते तो आप ज़िम्मेदारी लेते? आपको बस झूठ फैलाना है और ऐसा करके आपको बहुत मजा आता है।’

बात केवल तीखे सवालों तक ही सीमित नहीं रही, अरनब बीच-बीच में सुधांशु त्रिवेदी पर तंज भी कसते रहे। एक मौके पर तो उन्होंने कहा कि ‘आप मुझे ऐसे क्यों देख रहे हैं’?

‘फेक न्यूज़’ पर अरनब केवल एक उदाहरण मात्र से ही संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने कहा कि ‘केरल भाजपा अध्यक्ष ने एक विडियो शेयर किया था कि संघ कार्यकर्ता की हत्या का कन्नूर कम्युनिस्ट नेता जश्न मना कर रहे हैं, जबकि इसका कोई साक्ष्य नहीं था। अधिकांश झूठ आपकी आईटी सेल फैलाती है और पेशेवर ढंग से फैलाती है, कभी आप इस बारे में सोचते हैं? आपकी आईटी सेल के इंचार्ज तरुण सेन गुप्ता ने आसनसोल में दंगे के लिए इतना बड़ा झूठ बोला, वो चाहते थे कि दंगे हों,  उन्हें जेल भेजा गया। आपकी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई’?

वैसे शो में अरनब ने खुद ही यह स्पष्ट भी कर दिया कि उन्हें भाजपा का समर्थक माना जाता है। अपने सवालों के बीच उन्होंने कहा ‘लोग इस डिबेट को देख रहे हैं, नया साल है, इलेक्शन हैं...मैंने आपको छह उदाहरण दिए हैं...इसके बाद भी वो (गेस्ट की तरफ इशारा करते हुए)....बोलेंगे कि यू आर फ्रॉम मोदी ग्रुप।’ अरनब के इतना कहने के बाद स्टूडियो में बैठे गेस्ट ने हंसते हुए जवाब दिया कि ‘हम कहते हैं इसीलिए तो ये देखने को मिल रहा है, वरना ऐसा कहां होता।’

भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी तो शायद इस डिबेट को कभी न भूल पाएं, क्योंकि पूरे शो में अधिकांश समय उन्हें खामोश ही रहना पड़ा। अरनब के सवालों के बाद जब उन्होंने अपना पक्ष रखने का प्रयास किया, तो अरनब भड़क गए। उन्होंने बेहद तीखे शब्दों और ऊंची आवाज़ में कहा कि पहला पॉइंट वसुंधरा राजे नहीं, बल्कि बुलंदशहर है आप उस पर जवाब दीजिये।

कुल मिलकर कहा जाए तो अरनब गोस्वामी ने इस डिबेट के माध्यम से एक तरह से अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत साबित करने का प्रयास किया है। उन्होंने यह जताया है कि उनके सवालों की धार अभी कुंद नहीं पड़ी है। अरनब का यह रूप देखकर निश्चित तौर पर उनके प्रशंसकों को अच्छा लगा होगा।

अरनब गोस्वामी का ये अग्रेसिव रूप आप नीचे विडियो पर क्लिक करके देख सकते हैं...

 



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