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24 घंटे के लिए JNU में कई न्यूज पोर्टल किए गए बैन, गरमाया मुद्दा...

Monday, 13 November, 2017

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

जवाहर लाल यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के स्टूडेंट्स यूनियन ने आरोप लगाया कि 24 घंटे से ज्यादा वक्त के लिए जेएनयू प्रशासन ने कई न्यूज पोर्टल समेत यूट्यूब चैनल को यूनिवर्सिटी के फ्री वाई-फाई से ब्लॉक कर दिया गया था। वहीं अब छात्र मामले में जांच की मांग कर रहे हैं।

शनिवार को यूनियन ने कहा कि शुक्रवार की रात सबसे पहले ये जानकारी सामने आई कि कुछ चुनिंदा न्यूज साइट्स और यूट्यूब चैनलों को एक्सेस करने में दिक्कत आ रही है। खासतौर पर सरकार की पॉलिसी के खिलाफ टिप्पणी करने वाली न्यूज साइट्स, जेएनयू प्रेजिडेंशल डिबेटस्टूडेंट्स लीडर्स की डिबेटप्रोटेस्ट विडियोसटायर कॉमेडी विडियो वाली साइट्स शामिल हैं। इसके बाद पता चला कि यूनिवर्सिटी के वाईफाई के जरिए एक्सेस करने पर ही ऐसा हो रहा है, लेकिन जब मामले ने तूल पकड़ा तो रविवार सुबह वाईफाई से सेंसरशिप हटा ली गई। हालांकि प्रशासन ने इससे साफ इनकार किया है।

जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष गीता कुमारी ने 'हिन्दुस्तान टाइम्स' को बताया कि ब्लॉक की गई साइट्स में एनडीटीवीद वायर जैसी साइट्स शामिल थीं, जिन्हें खोलने पर लिखकर आता था कि एडल्ट कंटेंट नहीं खुल सकता है। 

जेएनयू की पूर्व छात्र संघ उपाध्यक्ष शेहला रशीद ने ट्वीट कर आरोप लगाया कि कई साइट्स के अलावा ममता बनर्जीराहुल गांधीशेहला रशीदकेजरीवालकन्हैया कुमार जैसे कीवर्ड्स पर भी पाबंदी लगाई गई थी।


इस पूरे विवाद को लेकर दो विडियो भी अपलोड किये गये, जिसमें दिखाया गया है कि किस तरह छात्रों को चुनिंदा साइट्स तक पहुंचने से रोका जा रहा है। ये विडियो AISA के सदस्य एन साईं बालाजी ने डाला है। बालाजी ने ट्वीट किया, “जेएनयू प्रशासन ने रोहित वेमुलागुजरात के ऊना की घटना और कन्हैया कुमार कीवर्ड पर भी पाबंदी लगा रखी है। जेएनयू चाहता क्या है?’

 


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