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बंद होने की कगार पर है दूरदर्शन का ये रीजनल चैनल

Published At: Tuesday, 06 November, 2018 Last Modified: Tuesday, 06 November, 2018

जम्मू-कश्मीर में दूरदर्शन का रीजनल चैनल ‘दूरदर्शन जम्मू’ बंद होने की कगार है, जिसकी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गईं हैं। बताया जा रहा है कि 15 नवंबर से इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। ‘दैनिक जागरण’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इसकी शुरुआत 25 लो पॉवर ट्रांसमिशन (एलपीटी) रीले स्टेशन बंद करने से होगी।

वहीं रिपोर्ट के मुताबिक, ‘दूरदर्शन जम्मू’ के करीब साढे़ चार घंटे के प्रसारण को आधे घंटे का कर दिया जाएगा, जिसमें 15 मिनट का समाचार प्रसारण होगा। इससे तीस हजार के करीब कलाकार, निर्माता निर्देशक, टक्निशन बेरोजगार हो जाएंगे।

वहीं राज्य के सांस्कृतिक संगठनों का आरोप है कि सोची समझी साजिश के तहत डुग्गर संस्कृति को नुकसान पहुंचाने की साजिश है।

रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि लंबे संघर्ष के बाद वर्ष 1990 में अस्तित्व में आया दूरदर्शन का जम्मू केंद्र पिछले कई वर्षो से अधिकारियों की कमी और पैसे की किल्लत के चलते करीब चार वर्षो से पिछले कार्यक्रम ही प्रसारित करता जा रहा है। सूचना-प्रसारण मंत्रालय कोई सिस्टम बनाने के बजाए ‘दूरदर्शन जम्मू’ के प्रसारण पर ही करीब चार घंटे की कैंची चलाने जा रहा है।

एक तरफ सीमांत क्षेत्रों में केंद्र सरकार करीब तीन लाख निशुल्क डीटीएच लगाने जा रहा है, दूसरी तरफ क्षेत्रीय प्रसारण ही बंद होने जा रहा है। इस स्टेशन से डोगरी, हिंदी, पंजाबी, भद्रवाही, गोजरी, पहाड़ी, कश्मीरी कार्यक्रमों का प्रसारण होता है, जिसमें डोगरी लोक गीत, सुगम संगीत, डोगरी नाटक, धारावाहिक प्रसारित होते हैं। करीब 362 प्राइवेट निर्माता ‘दूरदर्शन जम्मू’ से जुडे़ हुए हैं। किसानों के लिए प्रसारित होने वाला कार्यक्रम ‘साढ़ी धरती साढे लोग’ बंद हुए तीन वर्ष के करीब हो गए हैं। इस पर जब किसानों ने आपत्ति जताई थी तो उन्हें जबाव मिला कि किसानों के लिए ‘किसान चैनल’ शुरू किया गया है। उस चैनल से जम्मू की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए कोई भी ऐसा कार्यक्रम प्रसारित नहीं होता, जिसका जम्मू के किसानों को कोई लाभ होता हो। वहीं पिछले पांच वर्षो से कार्यक्रम बंद होने के सिलसिले में कई बार कलाकार, निर्माता, निर्देशक उच्चाधिकारियों और मंत्रियों से मिल चुके हैं लेकिन उन्हें हमेशा हल्के में लिया गया।

वरिष्ठ निर्देशक सुरेंद्र गोयल, वरिष्ठ कलाकार जनक खजूरिया, जेएस बबली, संजीव निर्दोष आदि ने ‘दैनिक जागरण’ के साथ बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने तो कहा था कि अभी जम्मू दूरदर्शन सरकार की प्राथिमकता नहीं है। जम्मू के लोग तो पूर्ण डुग्गर चैनल की मांग कर रहे थे, अपना चैनल मिलने के बजाए उनसे ‘दूरदर्शन जम्मू’ भी छीना जा रहा है।

 

  

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