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ZEE मीडिया के जगदीश चंद्रा ने दी ये अहम जानकारी, इन मंत्रियों की होगी विदाई!

Tuesday, 29 August, 2017

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

जी मीडिया के रीनजल चैनलों के सीईओ जगदीश चंद्रा ने इस हफ्ते अपने शो ‘अ डॉयलॉग विद जेसी’ (A Dialogue with JC) में मोदी कैबिनेट में फेरबदल होने की संभावना पर चर्चा की। उन्होंने अपने ‘विश्वसनीय सूत्रों’ का हवाला देते हुए बताया कि मोदी कैबिनेट में 2 सितंबर को विस्तार हो सकता है। उन्होंने बताया कि इस विषय में तीन दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बीच लंबी चर्चा हुई थी।

अपने स्रोतों के आधार पर चंद्रा ने  बताया कि कम से कम दो दर्जन मंत्री इस फेरबदल से प्रभावित होंगे और उन्होंने एक जैसे कई मंत्रालयों के विलय की भी उम्मीद जताई है, जिनमें एग्रीकल्चर और फर्टीलाइजर, रेलवे और सिविल एविएशन जैसे कुछ मंत्रालय शामिल हैं। 

अपेक्षित विस्तार की बारीकियों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि एआईएडीएमके के आने के बाद अब शिवसेना पहले जैसी स्थिति में फिलहाल नहीं रहेगी। चंद्रा ने कहा कि 2019 के चुनावों के ध्यान में रखते हुए ही कैबिनेट में फेरबदल के लिए मापदंड तैयार किए गए हैं। उन्होंने यह भी संभावना जताई है कि सात नए राज्यपाल नियुक्त किए जाएंगे, जिनमें कलराज मिश्रा, लालाजी टंडन, विजय कुमार मल्होत्रा आदि का नाम शामिल हो सकता हैं। 

केंद्र सरकार में लगभग आधा दर्जन प्रमुख मंत्रालय के मंत्रियों के पास अतिरिक्त रूप से अ्न्य मंत्रालय भी हैं, जिनमें से एक मंत्रालय से उन्हें राहत भी मिल सकती है। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि उत्तराखंड एक और मंत्री को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। जेडीयू के दो मंत्रियों को भी कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है, जिनमें जेडीयू के आर.पी. सिंह को कैबिनेट मंत्रालय दिया जा सकता है और संतोष कुमार को राज्यमंत्री का पद दिया जा सकता  है। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी संभावना जताई कि 2019 के चुनावों के बाद नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देकर डिप्टी पीएम का पदभार संभाल सकते हैं। 

राज्य के प्रतिनिधित्व पर चर्चा करते हुए चंद्रा ने कहा कि कर्नाटक, गुजरात और हिमाचल राज्यों के और प्रतिनिधित्व केंद्रीय मंत्रीमंडल में जगह प्राप्त कर सकते हैं, क्योंकि यहां चुनाव होने हैं। 

उन संभावित नामों पर चर्चा करते हुए चंद्रा ने कहा कि राधा मोहन सिंह, उमा भारती और राजीव प्रताप रूडी को कैबिनेट से हटाया जा सकता है। शाह के बाद दूसरे व्यक्ति के तौर पर अरुण जेटली को देखते हुए वे कहते हैं कि वे रक्षा मंत्री के तौर पर अपना काम जारी रखेंगे, लेकिन वित्त मंत्री का चार्ज पीयूष गोयल को दिया जा सकता हैं।  

चंद्रा ने यह भी कहा, 2019 के चुनावों से पहले मोदी सरकार के कैबिनेट का यह अंतिम विस्तार होगा और यही  टीम अगले चुनावों में भाजपा का नेतृत्व करेगी। 

धर्मेंद्र प्रधान के कार्यों की प्रशंसा करते हुए, चंद्रा ने कहा कि उन्होंने पेट्रोलियम में बहुत ही अच्छा काम किया है और वे पदोन्नति के हकदार भी हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से नरेगा योजना ने मनमोहन सिंह को अधिक वोट दिलाए थे, ऐसेही उज्जवला योजना धर्मेंद्र प्रधान के लिए अधिक वोट दिलाएगी। धर्मेंद्र प्रधान, राजवर्धन सिंह राठौर, पीयूष गोयल और जयंत सिन्हा को भी कैबिनेट में जगह मिल सकती है।   

मोदी सरकार के 'अंतिम' विस्तार पर चर्चा करते हुए चंद्रा ने कहा कि राम माधव और भूपेंद्र यादव को भी मोदी सरकार में शामिल किया जा सकता है। चंद्रा ने स्मृति ईरानी को बीजेपी के एक फायर ब्रैंड नेता के रूप में संदर्भित किया और कहा कि वे सूचना प्रसारण मंत्री बनी रहेंगी, लेकिन साथ ही उत्तर प्रदेश के कांग्रेस गढ़ रायबरेली और अमेठी में पार्टी का नेतृत्व करेंगी।

चंद्रा ने यह भी कहा कि अमित शाह के अलावा आरएसएस को भी कैबिनेट के नामों को तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। चंद्रा ने उन संभावनाओं से इनकार किया, जिसमें यह कहा जा रहा है कि शिवराज सिंह, डॉ. रमन सिंह या वसुंधरा राजे जैसे मुख्यमंत्री को अपने-अपने राज्यों से कैबिनेट में लाया जा सकता है।


इसके अतिरिक्त कौन-कौन मंत्री को कैबिनेट मिल सकती है जगह, नीचे विडियो के जरिए देखें: 


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