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HSS: जब शशि शेखर के सवालों पर कभी फंसे दिग्गज, तो कभी मुस्कुराए...

Published At: Sunday, 02 September, 2018 Last Modified: Sunday, 02 September, 2018

अभिषेक मेहरोत्रा ।।

शनिवार का दिन देश की राजनीति में ‘हिन्दुस्तान शिखर समागम’ (HSS ) के नाम रहा। हिन्दुस्तान समूह द्वारा आयोजित ये सालाना जलसा खूब सुर्खियों बंटोर गया। उत्तर भारत के सभी प्रमुख अखबारों में आज इसी मंच पर कही बातें हेडलाइन बनीं। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मंच का आगाज हुआ और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ ये मंच अंजाम तक पहुंचा।


जब मुस्कुराकर शशि शेखर ने पूछे कई कंटीले सवाल:

जब आपके सामने देश के गृहमंत्री और मंझे हुए राजनेता राजनाथ सिंह हो, तो उनसे अदावत के साथ ऐसे कंटीले सवाल पूछने की हिम्मत एक अनुभवी और राजनैतिक रूप से परिपक्व संपादक ही कर सकता है।

पीआर और गुडी-गुडी जर्नलिज्म के इस दौर में हिन्दुस्तान समूह के प्रधान संपादक शशि शेखर ने जब देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह से हाल ही में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी  को लेकर की गई कोर्ट की टिप्पणी पर जवाब मांगा, तो शायद राजनाथ भी ऐसे सवाल का सामना करने के लिए तैयार नहीं थे। राजनाथ सिंह ने स्थिति को संभालते हुए मामला कोर्ट में विचाराधीन कहकर अपने अनुभव के जरिए बात को टाल दिया। पर शशि शेखर कहां रुकने वाले थे। उन्होंने अपने तरकश से एक चुभता हुआ तीर और दाग दिया। सवाल सीधा था उनका- जीडीपी तो ठीक है पर आम आदमी पेट्रो-पदार्थों की बढ़ती कीमत से परेशान हैं। इस पर सरकार का क्या रुख है? 

सीधे सवाल पर वही पुरानी लाग-लपेटी करते हुए राजनाथ सिंह यूपीए काल के शासनकाल में पहुंच गए, पर  शशि शेखर पूरे होमवर्क के साथ मंच पर आए थे। अगले सवाल के तौर पर उन्होंने पूछ ही डाला कि नक्सलवाद पर तो आपकी नीति सफल है, पर कश्मीर में आप असफल सिद्ध हो रहे हैं, नीतियों में अस्थिरता क्यों? जवाब मिला समय दीजिए सबकुछ ठीक हो जाएगा। ये बानगी है, एक प्रधान संपादक की बेबाकी की।

लेकिन जब यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हों और उनसे ऐसे मौके पर राम मंदिर से जुड़ा सवाल न पूछा जाए तो शायद बात अधूरी रह जाए, इसलिए  राम मंदिर बनाने की तारीख से जुड़े एक सवाल पर उन्होंने कहा कि भगवान राम ही तय करेंगे कि राम मंदिर कब बनेगा। उन्होंने कहा कि जो काम होना होगा वह होकर ही रहेगा। इसे कोई टाल नहीं सकता है। सभी को आशावादी होना चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछली सरकारें अयोध्या जाने में डरती थी।

शशि शेखर के एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कुछ वर्ग में बच्चों को आधुनिक शिक्षा से क्यों वंचित किया जा रहा है, केवल मजहबी शिक्षा तक क्यों सीमित किया जा रहा है। हमने इसलिए मदरसों को आधुनिकीकरण के लिए योजनाएं बनाई है।


जब अनुराग के साथ रवीना ने खूब बिखेरी मुस्कान’:

एबीपी न्यूज के टीआरपी बंटोरू एंकर अनुराग मुस्कान ने भी इस मंच पर दो सेशन किए, पहला सेशन बास्केटबॉल की मशहूर ‘सिंह सिस्टर्स’ के साथ। इस चर्चा के दौरान अनुराग ने कई प्रोफेशनल सवाल और कुछ पर्सनल सवाल पूछे, जिसके बेहद इंट्रेस्टिंग जवाब देकर ‘सिंह सिस्टर्स’ ने खूब तालियां बंटोरी। अगले सेशन में बारी थी 'मस्त-मस्त गर्ल' से सोशल आइकन बन चुकीं रवीना टंडन की। कई सालों से पॉलिटिकल मंचों, सामाजिक कार्यक्रमों और टीवी पर रखने वाली रवीना कब सीधे तौर पर देश की राजनीति का हिस्सा बनेंगी, ये सवाल कई तरह से और कई रूपो में अनुराग ने रवीना से कई बार पूछा, अंतत: वे सफल हुए जब रवीना ने कहा कि कल के बारे में क्या कह सकते हैं, कल क्या होगा किसको मालूम।

लेकिन रवीना टंडन भी मंझी हुई खिलाड़ी हैं, उन्होंने धुआधार बैटिंग की। शुरुआत में ही अनुराग के सवाल कि आप कई सालों से फिल्मों में नहीं आई हैं, का जवाब रवीना ने सिक्सर लगाते हुए दिया कि आपने पिछले साल रिलीज मेरी फिल्म ‘मातृ’ नहीं देखी है, उन्होंने दो बार अनुराग की गेंद को बाउंडरी से पार पहुंचाते हुए व्यंगात्मक अंदाज में कहा कि लगता है कि आप आज होमवर्क नहीं करके आए हैं। जब अनुराग बोले मैं तो कॉलेजों के दिनों से ही आपका फैन हूं तो रवीना ने तपाक से जवाब दिया कि मैंने भी कॉलेज के दिनों में ही फिल्में करना शुरू की थी।


हिट रहा नेहा पंत का तारेक फतेह शो, अखिलेश की हाजिर जवाबी हुई सुपरहिट:

एबीपी का गंभीर चेहरा नेहा पंत इस मंच पर दो बड़ी शख्सियतों तारक फतेह और अखिलेश यादव के साथ नजर आईं। पाकिस्तान के मशहूर लेखक तारेक फतेह ने जब नेहा के एक सवाल का ये जवाब दिया कि राम मंदिर तो अयोध्या में ही बनना चाहिए, तो इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान तालियों से गूंज उठा। तारेक फतेह यहीं नहीं रुके, उन्होंने इमरान खान को निशाने पर लेते हुए कहा कि ये जीत तीन लाख हमारी पाकिस्तानी फौज की है। उन्होंने कहा कि इमरान तो एक मोहरा है, असली सत्ता तो उनकी पत्नी चलाती हैं। मुल्लाओं पर खूब बरसते हुए तारेक बोले कि ये मुल्ला ही सच्चे इस्लाम के दुश्मन हैं।

यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव शनिवार को पूरे मूड मे थे और पूरी तरह होमवर्क करके आए थे। उनके पास हर उस सवाल का जवाब मौजूद था, जो सीएम योगी ने सुबह इस मंच पर उठाए थे। महागठबंधन का सीएम चेहरा कौन होगा, इस सवाल पर अखिलेश यादव ने गजब जवाब दिया। उन्होंने नेहा पंत से कहा पहले बीजेपी से पूछिए कि उनका नया प्रधानमंत्री कौन होगा?  जब नेहा ने कहा कि बीजेपी का चेहरा तो नरेंद्र मोदी ही हैं, तो अखिलेश ने तपाक से जवाब दिया कि देश की जनता अब नया प्रधानमंत्री चाहती है।

उन्होंने कहा कि हमारे गठबंधन से भाजपा में घबराहट दिखने लगी है और अब जनता के रुख से साफ है कि उसकी उल्टी गिनती शुरू हो गई है। इस बार जनता देश को नया प्रधानमंत्री देगी। सब कुछ ठीक रहा तो 2019 चुनावों में ऐतिहासिक नतीजा आएगा।  वहीं एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि दंगे इसलिए कम हो गए क्योंकि दंगा करने वाले सत्ता में आ गए। बदनाम कैसे किया जाता है यह भाजपा से सीखना चाहिए। .


काजोल ने बताया आदित्य चोपड़ा की प्रेग्नेंसी के बारे में:

हिन्दुस्तान टाइम्स की मैनेजिंग एडिटर सोनल कालरा के सामने मंच पर बैठी थीं चुलबुली काजोल और संजीदा इम्तियाज अली। एक सवाल के जवाब में काजोल बोलीं ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ आदित्य चोपड़ा का बॉर्न चाइल्ड है। उसकी इस फिल्म की डिलिवरी आदित्य चोपड़ा ने की है, वही इसके प्रेग्नेंसी पेन के बारे में बताएंगे। मीडिया के बारे में बात करते हुए काजोल बोलीं, मैने कभी खबरों में रहने की कोशिश नहीं की है। अपने काम और फिल्मों से इतर मीडिया से बात भी नहीं करती हूं। जब आप चर्चा में रहते हैं, तब आपकी छवि पर ज्यादा बुरा असर पड़ता है बजाय इसके कि आप चुपचाप अपना काम करते रहें।  

जब इम्तियाज से कहा गया है कि आप तो हीरो के माफिक लगते हैं तो वहां बैठी काजोल बोली कि इनका हेयर स्टाइल कई युवा फॉलो करते हैं। इस पर इम्तियाज ने कहा कि उनके हेयर स्टारइल का फायदा ये है कि न बॉलों को शैम्पू करना पड़ता है, और न ही कंघा करने की जरूरत होती है।

आजतक की पूर्व एंकर रितुल जोशी रहीं सूत्रधार:

टीवी मीडिया का चिर-परिचित चेहरा रितुल जोशी ने इस भव्य कार्यक्रम की एंकरिंग की। उनकी सधी भाषा और साफ अंदाज ने हर किसी को उनका कायल कर दिया। जनता के सवालों को मंच पर मौजूद शख्सियतों तक पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका रही। वहां मौजूद युवा वर्ग उनके साथ सेल्फी लेने को काफी उत्साहित रहा और रितुल ने किसी को निराश भी नहीं किया।

HT समूह के बड़े अधिकारियों ने संभाला मोर्चा:

इस कार्यक्रम को सफल बनाने में एचटी मैनेजमेंट और एडिटोरियल लीडर्स का अहम रोल रहा। HT समूह के सीईओ राजीव बोएत्रा लगातार पूरे इवेंट के दौरान काफी एक्टिव तरीके से मैनेजमेंट में लगे रहे। साथ ही दिल्ली-एनसीआर के संपादक प्रताप सोमवंशी, मार्केटिंग हेड सुभाष चंद, एग्जिक्यूटिव एडिटर सुधांशु श्रीवास्तव, एग्जीक्यूटिव एडिटर के.के.उपाध्याय नेशनल ब्यूरो हेड मदन जैड़ा आदि भी एक्टिव रोल में दिखे।

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