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गुस्से में कर्मचारी बोले- ‘Not Ok Google’, पढ़िए वजह

Published At: Monday, 05 November, 2018 Last Modified: Monday, 05 November, 2018

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी ‘गूगल’ में इन दिनों सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। यौन उत्पीड़न के मामलों से जूझ रही इस कंपनी के कर्मचारी इन दिनों बगावती तेवर में हैं। यही कारण है कि यौन उत्पीड़न के मामले में दोषियों के साथ सख्ती न बरते जाने के विरोध में उन्होंने काम का बहिष्कार कर दिया और सड़कों पर उतर आए। सिलिकॉन वैली से इसकी शुरुआत हुई, जो दुनियाभर में फैल गई।

इसके लिए ट्विटर पर गूगल वॉकआउट (https://twitter.com/GoogleWalkout) नाम से एक पेज भी बनाया गया, जिसमें लोग इस मुहिम की प्रासंगिकता को गूगल से जोड़ते हुए अपनी मांगें रख रहे हैं। लोगों के हाथों में अलग-अलग संदेश लिखे हुए थे, जैसे Not OK google, don't be evil, Happy to quit for $90 million - no sexual harassment required।

दरअसल, कंपनी के एक वरिष्ठ कर्मचारी एंडी रुबिन, जिन्हें फादर ऑफ एंड्रॉयड भी कहा जाता है पर दुर्व्यवहार के आरोप लगे थे। इसके बाद अमेरिकी अखबार ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि अनुचित आचरण के आरोपों का सामना कर रहे एंडी रुबिन को कंपनी से निकालने के लिए 90 मिलियन डॉलर (करीब 6.59 अरब रुपए) दिए गए। अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, रुबिन को बेहद ही शानदार विदाई दी गई थी। यह मामला सामने आने के बाद से ही कर्मचारियों में आक्रोश है और उन्होंने #GoogleWalkout मूवमेंट शुरू कर दिया है।

वॉक आउट के आयोजक सोशल मीडिया के जरिये मांग कर रहे हैं कि कार्यस्थल पर ज्यादा से ज्यादा पारदर्शिता रहे। यौन उत्पीड़न के मामले पर त्वरित जांच और संज्ञान के लिए गूगल की एचआर यानी ह्यूमन रिसोर्सेज में भी पॉलिसी के स्तर पर बदलाव की बात की मांग उठ रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बारे में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने कर्मचारियों को भेजे एक ई-मेल में कहा है कि गूगल सभी कर्मचारियों का फीडबैक ले रहा है, ताकि विचारों को एक्शन में बदला जा सके। उनका कहना है कि वे भी समाज में लंबे वक्त से जड़ जमाए इस मुद्दे के खात्मे के लिए प्रतिबद्ध हैं और गूगल में भी ये प्रतिबद्धता वही रहेगी। पिचाई ने यह भी कहा कि कंपनी से बाहर किए गए किसी भी कर्मचारी को एग्जिट पैकेज नहीं दिया गया है। हालांकि पूरे स्टाफ को किए गए इस ई-मेल से कर्मचारियों का गुस्सा कम होता नहीं दिख रहा है।

गौरतलब है कि गूगल ने 13 वरिष्ठ अधिकारियों समेत 48 लोगों को यौन शोषण के आरोपों के चलते कंपनी से बाहर का रास्ता दिखाया है। कंपनी ने यह कदम एक मीडिया रिपोर्ट के बाद उठाया है। वहीं, कर्मचारी यौन उत्पीड़न, दुर्व्यवहार, पारदर्शिता की कमी और कार्यस्थल पर असमान संस्कृति का आरोप लगाते हुए इसका विरोध कर रहे हैं।



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