Share this Post:
Font Size   16

जानें, शाहनवाज का जवाब सुन क्यों 'शॉक्ड' होकर बैठ गए निशांत चतुर्वेदी

Published At: Wednesday, 09 January, 2019 Last Modified: Wednesday, 09 January, 2019

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

अधूरा ज्ञान किस तरह फजीहत करवाता है, इसका नज़ारा हाल ही में ‘आजतक’ के शो 'दंगल' में देखने को मिला। इस शो में कुछ ऐसा हुआ कि एंकर निशांत चतुर्वेदी भी सिर पकड़कर बैठ गए। 

दरअसल, राफेल डील और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को एक लाख हजार करोड़ रुपए का ठेका देने को लेकर देश की राजनीति में बवाल मचा हुआ है। कांग्रेस जहां मोदी सरकार पर तथ्यों को छिपाने का आरोप लगा रही है, वहीं सरकार ‘ऑल इज वेल’ के अपने दावे पर कायम है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का कहना है कि एचएएल के पास अपने कर्मचारियों को वेतन देने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं है। वहीं, कंपनी ने कहा है कि अपनी मौजूदा जरूरतें पूरी करने के लिए उसने 962 करोड़ रुपए का ओवरड्राफ्ट (बैंक से धनराशि लेना) लिया है। 7 जनवरी के ‘दंगल’ में इसी मुद्दे पर चर्चा के लिए विभिन्न अतिथियों को आमंत्रित किया गया था. जिसमें भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज़ हुसैन और कांग्रेस के पवन खेड़ा भी शामिल थे।

शो की शुरुआत में निशांत चतुर्वेदी ने सभी अतिथियों से इस मुद्दे पर अपने विचार रखने को कहा, और इसके बाद वह सवाल दागने में लग गए। निशांत को काफी संजीदा और गंभीर पत्रकार माना जाता है, लिहाजा वह चाहते हैं कि गंभीर मसलों पर बोलने वाले भी गंभीरता से सवालों के जवाब दें। हालांकि, शाहनवाज़ हुसैन शुरू से ही गंभीर नज़र नहीं आये, जिसके चलते कई मौकों पर निशांत नाराज़ भी हुए, लेकिन इसके बावजूद वह शालीनता से अपने सवाल दोहराते हुए। आमतौर पर ऐसी स्थिति में कई पत्रकार अपना आप खो बैठते हैं और बहस मूल मुद्दे से हटकर आपसी द्वन्द तक सीमित होकर रह जाती है।

निशांत के अधिकांश सवालों का शाहनवाज़ हुसैन ने सीधा जवाब नहीं दिया। जब निशांत राफेल की बात करते तो हुसैन एचएएल पर चले जाते, और जब वो एचएएल की बात करते तो हुसैन कांग्रेस को निशाना बनाने लगते। हद तो तब हो गई जब कॉमर्स की एक सामान्य टर्म का मतलब समझने में भाजपा नेता नाकाम रहे और उन्होंने अर्थ का अनर्थ कर डाला। 

दरअसल, लगातार अप्रत्यक्ष जवाबों से नाराज़ निशांत ने कहा ‘शाहनवाज़ जी आप मेरे किसी भी सवाल का सीधा जवाब नहीं दे रहे हैं...एक मिनट... शाहनवाज़ जी एक मिनट’। इसके बाद निशांत ने एक एचएएल कंपनी के सीएमडी आर. माधवन के एक बयान का जिक्र करते हुए कहा कि ‘हमारा कैश इन हैंड निगेटिव है और हमें एक हजार करोड़ ओवरड्राफ्ट के रूप में लेना पड़ा’... लेकिन इससे पहले कि निशांत अपनी बात पूरी कर पाते शाहनवाज़ बीच में बोल पड़े ‘हम कैशलेस इकॉनमी वाले हैं जनाब। कैश इन हैंड क्यों चाहिए भाई’? इतना सुनते ही निशांत चतुर्वेदी हैरान रह गए। उन्होंने शायद वरिष्ठ नेता से इस तरह के जवाब की उम्मीद नहीं की थी। उन्होंने आगे कहा ‘सर हम गंभीर मुद्दे पर बहस कर रहे हैं। मैं  एचएएल कंपनी के सीएमडी के बयान का जिक्र कर रहा हूं...यहां कैश इन हैंड का मतलब है सैलरी।

शाहनवाज़ हुसैन इस बार भी सवाल को नहीं समझ पाए और बोले पड़े ‘ये गंभीर बहस ही है, आप क्या चाहते हैं कैश इन हैंड होना चाहिए...हमें भी कैश इन हैंड...इतनी अंग्रेजी समझ आती है। मैं वही कह रहा हूं कैश इन हैंड नहीं होता आजकल’।

जब निशांत पूरी तरह समझ गए कि अधूरे ज्ञान के चलते शाहनवाज़ हुसैन अर्थ का अनर्थ करने पर उतारू हैं तो उन्होंने अपना सिर पकड़ लिया। चंद सेकंड की ख़ामोशी के बाद उन्होंने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को इसका जवाब देने को कहा। सौभाग्य से खेड़ा इस तकनीकी टर्म का मतलब समझते थे। उन्होंने शाहनवाज़ हुसैन से कहा ‘क्या बात कर रहे हैं आप, अकाउंट की भाषा में इसे कैश इन हैंड ही कहा जाता है। आपके पास उत्तर नहीं है शाहनवाज़ हुसैनजी। कैश इन हैंड अकाउंट भाषा का हिस्सा है, मैंने भी पढ़ाई की है, इसका मतलब आपके द्वारा निकाले हुए हरे और लाल नोट नहीं होते। इसे आप गंभीरता से लें’।

‘कैश इन हैंड’ को लेकर शाहनवाज़ हुसैन का यह अजीबोगरीब जवाब सोशल मीडिया पर भी छाया हुआ है। अधिकांश यूजर्स ने इसके लिए भाजपा नेता को निशाना बनाया है। 

वहीं, वरिष्ठ पत्रकार और इंडिया टुडे ग्रुप के कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई ने भी अपने अंदाज़ में हुसैन पर तंज कसा है। उन्होंने निशांत चतुर्वेदी के शो ‘दंगल’ का वीडियो शेयर करते हुए ट्वीट किया है ‘2019 का अब तक का सबसे हास्यप्रद वीडियो। आजतक के एंकर निशांत चतुर्वेदी की प्रशंसा करनी चाहिए कि इसके बावजूद भी वो नहीं हँसे’। 

वैसे, ‘दंगल’ का ये एपिसोड एक तरह से उन सभी लोगों के लिए एक सबक है, जो बिना तैयारी और पर्याप्त ज्ञान के डिबेट में हिस्सा लेने चले आते हैं। उम्मीद है शाहनवाज़ हुसैन को अब 'कैश इन हैंड' का अर्थ समझ आ गया हो। 

आप भी नीचे विडियो को क्लिक कर थोड़ा मुस्करा सकते है...

 


 

 



पोल

सोशल मीडिया पर पत्रकारों को निशाना बनाया जा रहा है, क्या है आपका मानना?

पत्रकार भी दूध के धुले नहीं हैं, उनकी भी जवाबदेही होनी चाहिए

ये पेड आईटी सेल द्वारा पत्रकारिता को बदनाम करने की साजिश है

Copyright © 2019 samachar4media.com