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इस वजह से हुआ दूरदर्शन को 800 करोड़ रुपये का घाटा!

Friday, 01 September, 2017

समाचार4मी‍डिया ब्यूरो ।।

सरकारी ब्रॉडकास्‍टर दूरदर्शनको वर्ष 2016-17 (अप्रैल से मार्च) के दौरान 800 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। प्रतिष्ठित न्यूज वेबसाइट बिजनेस वर्ल्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस घाटे में वृद्धि के कई कारण हैं। इनमें एक बड़ा कारण तो यह है कि दूरदर्शनके फ्री डीटीएच प्‍लेटफॉर्म फ्रीडिशपर अपनी मौजूदगी के लिए निजी ऑपरेटर्स को मात्र छह से आठ करोड़ रुपये का भुगतान करना होता है, जबकि उन्‍हें इस प्‍लेटफॉर्म पर प्राप्‍त होने वाले ऐड रेवेन्‍यू को किसी से शेयर नहीं करना पड़ता है। इस प्‍लेटफॉर्म पर इन प्राइवेट चैनलों की व्‍युअरशिप लगातार बढ़ रही है, वहीं इस मामले में दूरदर्शन पीछे छूट गया है।

बताया जाता है कि प्राइवेट चैनलों को बढ़ावा देकर दूरदर्शन ने खुद को नुकसान पहुंचाया, क्‍योंकि पूरी व्‍युअरशिप इन प्राइवेट चैनलों की ओर चली गई जिसकी वज‍ह से दूरर्शन को इतना बड़ा घाटा उठाना पड़ा। इसकी रेटिंग गिरने के कारण ऐडवर्टाइजिंग रेवेन्‍यू में भी काफी कमी हो गई।

सूत्रों के अनुसार, फ्रीडिश प्‍लेटफॉर्म के कारण इन प्राइवेट ब्रॉडकास्‍टर्स ने दर्शकों तक अपनी अच्‍छी पकड़ बना ली है और अब ये आसानी से प्रति चैनल 50 करोड़ से 210 करोड़ रुपये का ऐडवर्टाइजिंग रेवेन्‍यू कमाते हैं जबकि दूरदर्शन को इस हिसाब से दर्शक नहीं मिल रहे हैं और वह इस कैटेगेरी में काफी पीछे रह गया है।


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