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न्यूज चैनल ने राष्ट्रपति का विज्ञापन लेने से किया इनकार, जानिए वजह...

Published At: Monday, 05 November, 2018 Last Modified: Monday, 05 November, 2018

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

मीडिया इंडस्ट्री वैसे तो पूरी तरह से विज्ञापनों पर ही निर्भर रहती है, लेकिन क्या हो जब कोई चैनल विज्ञापन लेने से इनकार कर दे और वह भी राष्ट्रपति के विज्ञापन को। यह सुनकर, शायद आपके दिमाग में वजह जानने की उत्सुकता बढ़ जाएगी। जी हां, ऐसा ही कुछ अमेरिका के बड़े न्यूज चैनल ‘सीएनएन’ ने किया है। इस सप्ताह की शुरुआत में सीएनएन ने डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा रिलीज किया गया एक चुनावी विज्ञापन प्रसारित करने से इनकार कर दिया। चैनल ने इसकी वजह विज्ञापन ‘नस्लवादी’ बताया है।

बता दें कि यह विज्ञापन लुइस ब्राकैमोंट्स से संबंधित था, जो कि एक अवैध प्रवासी था। जिसे कैलिफोर्नियां के दो अधिकारिकयों की हत्या में दोषी पाया गया था। यह प्रचार ट्रंप की अवैध प्रवासियों पर सख्त नीतियों से संबंधित मामले पर बनाया गया है।

सीएनएन के इस कदम की राष्ट्रपति ट्रंप के बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर ने आलोचना की है। डोनाल्ड ट्रंप जूनियर ने शनिवार को ट्वीट करके जानकारी दी, 'सीएनएन ने इस विज्ञापन को चलाने से मना कर दिया है, मेरा अनुमान है कि वे केवल झूठी खबरें चलाते हैं और उन वास्तविक चुनौतियों के बारे में बात नहीं करते हैं, जो उनके एजेंडा को सूट नहीं करता है। खुश रहिए।' ट्रंप जूनियर ने इसी के साथ विज्ञापन के एक छोटे से हिस्से को भी ट्वीट किया।



इसके जबाव में सीएनएन ने कहा कि इस विज्ञापन का कंटेंट नस्लवादी है। सीएनएन के मुताबिक, 'सीएनएन ने अपने संपादकीय कवरेज में ये स्पष्ट किया है कि ये विज्ञापन नस्लवादी है। जब हमें इस विज्ञापन के एक संस्करण को पैसे लेकर चलाने का ऑफर मिला, तो हमने मना कर दिया। यही सच्चाई है।'



गौरतलब है कि इस विडियो विज्ञापन में अमेरिका के पड़ोसी देश मैक्सिको से होने वाली घुसपैठ के बारे में है। तीन लैटिन अमेरिकी देशों अल साल्वाडोर, होंडुरास और ग्वाटेमाला से करीब 7000 शरणार्थियों का काफिला अमेरिका की ओर बढ़ रहा है। डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें रोकने के लिए सीमा पर सेना तैनात की है। विज्ञापन में दावा किया गया है कि ये शरणार्थी अमेरिका में अपराध करने आते हैं. इस वीडियो के सहारे डोनाल्ड ट्रंप ने चुनावों में अपने लिए वोट मांगा है और कहा है कि वो शरणार्थियों को अमेरिका में आने से रोकेंगे।

अमेरिकी न्यूज चैनल ‘एनबीसी न्यूज’ के मुताबिक 2018 की पहली छमाही में अमेरिका में चुनावों के दौरान तीन अरब डॉलर का विज्ञापन दिया गया है। ये आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले दोगुना है। इस दौरान डेमोक्रेटिक कंडीडेट्स और उनके ग्रुप ने 1.5 अरब डॉलर खर्च किए हैं। रिपब्लिकंस ने 1.3 अरब डॉलर खर्च किए हैं, जबकि शेष धन निर्दलीय प्रत्याशियों ने खर्च किया।

 

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