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पढ़िए, पेड न्यूज-एजेंडा जर्नलिज्म- सोशल मीडिया पर क्या बोले हरवीर सिंह, भूपेन्द्र चौबे, अमित गोयल...

Wednesday, 09 May, 2018

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

छत्तीसगढ़ के रायपुर में ‘छत्तीसगढ़ संवाद’ के नए मुख्यालय भवन का लोकार्पण हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने किया। इस मौके पर डॉ. सिंह ने कहा कि मीडिया की भूमिका समाज के लिए और समाज की भूमिका मीडिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। एक जनप्रतिनिधि के लिए यह एक सेफ्टीवॉल की तरह भी काम करता है। हम कैसे अपनी बातों कोसरकार की योजनाओं को इन माध्यमों के जरिए क्रियान्वित करेंयह महत्वपूर्ण पहलू है।

उन्होंने कहा कि  बदलते दौर में मीडिया की भूमिका लगातार बढ़ रही है। सोशल मीडिया के आने पर अब मीडिया की हर विधा का दायरा भी बहुत बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि कि सरकार की अच्छाई और बुराई दोनों को सामने लाने का काम मीडिया करता है। हम अपने सुधार के लिए गुंजाइश बनाकर रखते हैं। कमियों को दूर करने के लिए सजग होकर काम करेंगे। मीडिया ने बेबाक टिप्पणी लिखीएडिटोरियल लिखा। उन्हें पढ़ने के बाद हमें लगा कि सरकार के भीतर कोई कमियां रही हैंतो हमने 15 सालों में उन्हें ठीक करने का काम किया है।

बता दें कि भवन के उद्घाटन समारोह में दिल्ली से तीन संपादक दिल्ली से बुलाए गए थेजिनमें ‘सीएनएन-न्यूज18’ के एग्जिक्यूटिव एडिटर भूपेन्द्र चौबे, ‘द पायनियर’ के एडिटोरियल डायरेक्टर अमित गोयल और आउटलुक हिंदी के एडिटर हरवीर सिंह मौजूद रहे। इस दौरान तीनों ही वरिष्ठ पत्रकारों ने मीडिया व सामाजिक जिम्मेदारियों पर चर्चा कीसाथ ही ‘पेड न्यूज’ जैसे मुद्दे पर अपने विचार व्यक्त किए।


द पायनियर’ के एडिटिरयल डायरेक्टर अमित गोयल ने कहा कि मीडिया अपनी जिम्मेदारी शुरू से निभाता रहा है और निभाता रहेगाफिर चाहे वह समाज के प्रति ही क्यों न हो। ‘पेड न्यूज’ के विषय पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि पेड न्यूज एक अच्छी चीज हैइसे बहुत हद तक खराब कहना गलत होगालेकिन मीडिया को यह स्पष्ट करने की जरूरत है कि कौन सी खबर पेड न्यूज है और कौन सी नहींं। उन्होंने कहा कि यदि मीडिया ‘पेड न्यूज’ नहीं चलाएगातो अपने आय के साधन कैसे जुटाएगा।  

वहीं सीएनएन-न्यूज18’ के एग्जिक्यूटिव एडिटर भूपेन्द्र चौबे ने कहा कि आने वाला समय डिजिटल मीडिया का है और खबरों के लिए लिए जितने भी प्लेटफॉर्म हैं उन्हें अब टेक्नोलॉजी से अपने आप को जोड़कर रखना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि  भारत में मोबाइल के जरिए हर व्यक्ति अब पत्रकार बन गया है। हर व्यक्ति अब विडियो सूट करके ट्विटर, फेसबुक के जरिए सूचनाओं का आसानी से आदान-प्रदान कर लेता है। इस वजह से अब यह कहना कि कोई रिपोर्टर जो मीडिया संस्थान से जुड़ा है वही पत्रकार है, गलत होगा। अब भारत में हर शख्स एक पत्रकार है, क्योंकि उसके पास अब एक मोबाइल फोन है।

उन्होंने आगे कहा कि बड़े मीडिया हाउस, फिर चाहे वह प्रिंट हो या टीवी, उसको चलाने के लिए बड़े पैमाने पर खर्चा होता है, लेकिन डिजिटल में यह इनपुट कॉस्ट बहुत ही कम है। इसलिए जितने भी डिजिटल प्लेटफॉर्म उभरकर सामने आ रहे हैं वो सब रिपोर्ताज पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं, जोकि मेन मीडिया का काम था। उन्होंने कहा कि टीवी मी़डिया टॉक शो या यूं कहें कि डिबेट शो में सिमट कर रह गए हैं और जो असली खबरें है वो अब सिर्फ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मिलती हैं।

भूपेन्द्र चौबे ने कहा कि जिस प्रकार से रीजनल मीडिया काम कर रहा है, आने वाले समय में ज्यादातर ग्रोथ और अपॉर्चुनिटीज यहीं देखने को मिलेंगी। 

आउटलुक हिंदी के एडिटर हरवीर सिंह ने मीडिया की भूमिका के बारे में कहा कि मीडिया को एक तरफा नहीं बल्कि प्रैक्टिकल होना चाहिए और हमेशा डेवलपमेंट एजेंडा का सपोर्ट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में जो कुछ अच्छा या बुरा हो रहा है  मीडिया को उसे सामने लाना चाहिए, फिर चाहे वह सिस्टम के भीतर ही क्यों न हो, बात तो उस पर भी होनी चाहिए। 

हरवीर सिंह ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि मीडिया का अपना कोई एजेंडा नहीं होना चाहिए, बल्कि उसे संतुलित तरीके से, जो सही बात है उसको रिपोर्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी पत्रकार को अपने विचार रखने  हैं, तो उसके लिए अखबार में एक संपादकीय पेज होता है, वे वहां अपनी बात रख सकते हैं। लेकिन खबरों में अपने विचार रखने से बचना चाहिए। 

'पेड न्यूज' को लेकर उन्होंने कहा कि कौन सी खबर पेड न्यूज है यह पाठक को नहीं पता होता है और ना ही वे आसानी से इसमें कोई अंतर ढूंढ पाते हैं। हालांकि कुछ लोग इसमें पारंगत भी होते हैं, लेकिन फिर भी मीडिया संस्थानों का यह दायित्व है कि वे ईमानदारी से चीजों को सामने रखें और पेड न्यूज से बचें। लोगों के विचार और धारणा बनाने में मीडिया की अहम भूमिका होती है, इसलिए मीडिया को संभलकर काम करना चाहिए, गलत तरीके से नहीं। उन्होंने कहा कि सरकारों का नियंत्रण भी मीडिया पर नहीं होना चाहिए, नहीं तो वे एकतरफा लोगों के विचारों को प्रभावित करते रहेंगे।

भवन के उद्घाटन समारोह में सांसद रमेश बैसमंत्री राजेश मूणतबृजमोहन अग्रवालमुख्य सचिव अजय सिंहप्रमुख सचिव अमन सिंहसंवाद के सीईओ राजेश सुकुमार टोप्पोविधायक नवीन मार्कंडेय आदि मौजूद थे।

संवाद के सीईओ राजेश सुकुमार टोप्पो ने बताया कि संवाद के नए भवन का निर्माण लगभग 30 करोड़ रूपए की लागत से छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा किया गया है। सम्पूर्ण भवन परिसर एक लाख 12 हजार वर्ग फीट जमीन में बनाया गया है। इस भवन में अत्याधुनिक वातानुकूलित ऑडिटोरियम का भी निर्माण किया गया हैजिसमें 210 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। संवाद भवन के चारों ओर लगभग 30 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में लैण्डस्केपिंगवृक्षारोपण और खूबसूरत झरने भी बनाए गए हैं।




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क्या इंडिया टीवी के चेयरमैन रजत शर्मा का क्रिकेट की दुनिया में जाना सही है?

हां, उम्मीद है कि वे वहां भी उल्लेखनीय कार्य कर सुधार करेंगे

नहीं, जिसका काम उसी को साजे। उनका कर्मक्षेत्र मीडिया ही है

बड़े लोगों की बातें, बड़े ही जाने, हम तो सिर्फ चुप्पी साधे

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