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निधि राजदान के सवाल का जवाब देने से ओबामा ने क्यों कर दिया इनकार

Monday, 04 December, 2017

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

निधि राजदान एनडीटीवी का चर्चित चेहरा हैं और अक्सर राइट विंग पर सवाल उठाने के चलते चर्चा में भी रहती हैं और उनके निशाने पर भी। उनके रसूख का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि ओबामा फाउंडेशन के तहत जब ओबामा के लिए टाउन हॉल ईवेंट का आयोजन इस हफ्ते दिल्ली में हुआ तो वो भी एक यंग लीडर के तौर पर आमंत्रित थी ना कि बतौर एक मीडिया रिपोर्टर। बावजूद इसके जब उन्होंने एक सवाल पूछा तो सैकड़ों लोगों के सामने ओबामा ने जवाब देने से साफ इनकार कर दिया, जबकि बकौल निधि ओबामा ने सवाल भी नहीं सुना।

पहले ये जानिए कि सवाल क्या था? उनका सवाल था-


दरअसल ओबामा ने ऑनलाइन इकोचैम्बर्स के खतरों के बारे में बात की। ओबामा की बात पर निधि को मौका लगा कि क्यों ना राइट विंग को निशाने पर ले लिया जाए और ट्रम्प के बारे में बोलने से तो ओबामा को भी कोई परहेज नहीं होगा।

लेकिन खुद निधि अपने दोस्तों से बातचीत में ट्विटर पर बता रही हैं कि ओबामा ने मेरा सवाल सुना ही नहीं। ओबामा से कार्यक्रम में मौजूद अलग-अलग फील्ड्स के लोग सवाल कर रहे थे, उसी दौरान निधि ने भी पूछा कि उनका भी एक सवाल है। लेकिन ओबामा ने कहा क्योंकि आप एक जर्नलिस्ट हैं, इसलिए सवाल नहीं पूछ सकतीं। दरअसल उस कार्यक्रम में मीडिय़ा इनवाइटेड ही नहीं थी। निधि को तो फाउंडेशन ने एक यंग लीडर गेस्ट के तौर पर इनवाइट किया था। हालांकि अपनी ट्वीट में निधि ओबामा के इस तर्क से असहमत हैं। निधि ने लिखा,


काफी देर तक निधि इस इश्यू को ट्विटर पर अपने दोस्तों से डिसकस करती रहीं और खुद को सही ठहराती रहीं। फिर मैदान में शेखर गुप्ता कूदे और निधि के सवाल पूछने को उन्होंने जायज ठहराया लेकिन ओबामा के मना करने के बाद ओबामा की बात से असहमत होने को गलत बताया। शेखर गुप्ता ने निधि राजदान को ये ट्वीट किया-

हालांकि यहां बात खत्म हो जानी चाहिए, लेकिन यहीं से इस डिस्कशन में एक बीजेपी एंगल आ गया और फिर शुरू हो गई दो महिलाओं में तकरार। मैदान में कूद गईं बीजेपी कैम्प की चर्चित नेता शिल्पी तिवारी, ये कहते हुए कि जब ये कोई इंटरव्यू नहीं था, प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं थी कि जिसमें हेडलाइन सीकर्स को पॉलटिकली लोडेड सवाल पूछने की इजाजत दी जाए। इससे निधि का जायका बिगड़ गया और गुस्से में शिल्पी से पूछा कि मुझे पता है तुम्हारे जैसे लोगों को फैक्ट्स पसंद नहीं आते।

तो जवाब में शिल्पी तिवारी ने एक निधि के एक पुराने इंटरव्यू का विडियो पेस्ट कर दिया, जिसमें वो एक ब्रिटिश एमपी पर दवाब बनाती दिख रही हैं कि मोदी को रिजेक्ट किया जाए (जैसा कि उस विडियो के साथ सब्जेक्ट में लिखा था)। इससे निधि और भड़क गईं और शिल्पी पर निशाना साधा कि कम से कम मैं फेक विडियोज नहीं फैलाती। उल्लेखनीय है कि शिल्पी का नाम जेएनयू कांड का एक फेक विडियो शेयर करने में नाम आया था। इतना कहकर निधि तो निकल लीं, लेकिन फिर शिल्पी और तमाम लोग निधि को अकेले गरियाते रहे। 

 

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