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पढ़िए, आखिर क्यों राघव बहल के मीडिया वेंचर को बंद करने की शुरू हुई मुहिम...

Saturday, 06 January, 2018

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 

पाकिस्तान की जेल में जासूसी के आरोप में बंद भारतीय नौसेना के पूर्व कमांडर कुलभूषण जाधव को लेकर द क्विंट ने जिस तरह की एक स्टोरी प्रकाशित की, उसे लेकर अब मामला तेजी से गरमाता जा रहा है। आलम यह है कि ट्विटर पर लोगों ने क्विंट के खिलाफ ही मुहिम छेड़ दी है। यूजर्स ने ‘#ब्लॉकक्विंट के जरिए इस डिजिटल प्लेटफार्म को बंद करने की मांग शुरू कर दी है।

पहले मीडिया जगत के नवोदित पाठक जान लें कि क्विंट क्या हैदरअसल टीवी18 रिलायंस को बेचने के बाद उसके प्रमोटर राघव बहल ने एक नई मीडिया कंपनी की नींव डालीजिसे नाम दिया क्विंट। अभी क्विंट टीवी पर नहीं बल्कि वेबजगत में ही अपने ऑपरेशंस चला रही हैसीएनबीसी आवाज के पूर्व संपादक संजय पुगलिया के पास इसकी कमान है। 

बीते शुक्रवार देर शाम ट्विटर पर शुरू की गई यह मुहिम टॉप में ट्रेंड करती हुई दिखाई दी। दरअसल क्विंट में शुक्रवार को छपे उस लेख की हैडिंग थी- ‘’Two Ex RAW Chiefs did not want Kulbhushan Jadhav recruited as spy’’। इस लेख की हैडिंग पढ़कर एक बात तय है कि लेखक ने ये मान लिया है कि कुलभूषण जाधव एक स्पाई यानी जासूस है, हैडिंग अपने आप में बताती है कि रॉ के दो पूर्व चीफ नहीं चाहते थे कि कुलभूषण जाधव को रॉ का जासूस बनाया जाए। ये पूरी स्टोरी रिपोर्टर ने अपने सोर्सेज के जरिए लिखी है, कोई सुबूत नहीं है और ना ही किसी का ऑफिशियल बयान है। हालांकि यह स्टोरी अब द क्विंट ने हटा ली है, लेकिन बिना सबूतों के आधार पर लिखी गई इस स्टोरी पर लोगों की नाराजगी बढ़ती जा रही है और यह ट्विटर के टॉप ट्रेंड से पता चलती है।


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क्या इंडिया टीवी के चेयरमैन रजत शर्मा का क्रिकेट की दुनिया में जाना सही है?

हां, उम्मीद है कि वे वहां भी उल्लेखनीय कार्य कर सुधार करेंगे

नहीं, जिसका काम उसी को साजे। उनका कर्मक्षेत्र मीडिया ही है

बड़े लोगों की बातें, बड़े ही जाने, हम तो सिर्फ चुप्पी साधे

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