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'MIB' के इस रुख से प्राइवेट ब्रॉडकास्टर्स को सताने लगी है ये चिंता

Published At: Friday, 13 October, 2017 Last Modified: Wednesday, 11 October, 2017

समाचार4मी‍डिया ब्यूरो ।।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB)  ने दूरदर्शन के प्राइम टाइम स्‍लॉट की नीलामी प्रक्रिया पर अगले आदेश तक फिलहाल रोक लगा रखी है। इस नीलामी के द्वारा ‘दूरदर्शन’ के फ्री डीटीएच प्‍लेटफॉर्म ‘फ्रीडिश’  (FreeDish) के खाली पड़े स्‍लॉट को प्राइवेट ब्रॉडकास्‍टर्स को दिया जाना था। ऐसे में ‘फ्रीडिश’ के स्‍लॉट खाली पड़े हुए हैं, वहीं प्राइवेट ब्रॉडकास्‍टर्स को रेवेन्‍यू घटने का खतरा भी सताने लगा है।     

फ्रीडिश’  (FreeDish) प्‍लेटफार्म पर फिलहाल 80 टीवी चैनल हैं। इनमें ‘सोनी पल’ (Sony Pal), ‘स्‍टार उत्‍सव’ (Star Utsav), ‘जी अनमोल’ (Zee Anmol), ‘रिश्‍ते’ (Rishtey) के साथ कुछ न्‍यूज चैनल जैसे ‘आज तक’ (AajTak), ‘जी न्‍यूज’ (Zee News), ‘एबीपी न्‍यूज’ (ABP News) और ‘न्‍यूज 24’ (News 24) आदि चैनल शामिल हैं। ‘फ्रीडिश’ के पास इस समय दो स्‍लॉट खाली पड़े हुए हैं लेकिन यदि ‘एमआईबी’ ने इस बारे में जल्‍द कोई निर्णय नहीं लिया तो अक्‍टूबर के आखिर तक इनकी संख्‍या बढ़कर 10 हो सकती है।   

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसारस्‍लॉट खाली होते जा रहे हैं और प्राइवेट ब्रॉडकास्‍टर्स इनका नवीनीकरण नहीं करा पा रहे हैं। बताया जा रहा है कि ‘प्रसार भारती’ अगस्‍त से ही इनके नवीनीकरण से इनकार कर रहा है।  मंत्रालय के इस कदम से प्राइवेट टीवी चैनलों के ऐडवर्टाइजमेंट रेवेन्‍यू पर भी काफी असर पड़ेगा और वह कम हो जाएगा। क्‍योंकि ‘डीडी फ्रीडिश’ पर आने के कारण अधिकांश बड़े प्राइवेट टीवी चैनल ‘फ्री टू एयर’ (FTA) चैनल हो गए हैं। ऐसे में उनकी टीआरपी भी काफी बढ़ गई थीजिसके कारण उनके ऐड रेवेन्‍यू में भी वृद्धि हो रही है।

इससे पहले ई-नीलामी की प्रक्रिया जुलाई में पूरी की गई थीजिसके द्वारा ‘फ्रीडिश’ को 11 प्राइवेट ब्रॉडकास्‍टर्स से 851 मिलियन रुपये की कमाई हुई थी। अगली नीलामी अगस्‍त में प्रस्‍तावित थीजिसे प्रशासनिक कारण बताते हुए कैंसल कर दिया गया था। यदि वर्ष 2016-17 की बात करें तो दूरदर्शन कोफ्रीडिश’ से अब तक का सबसे ज्‍यादा 264.17 करोड़ रुपये का रेवेन्‍यू मिला था। अनुमान है कि ‘फ्रीडिश’ के सबस्‍क्राइबर्स की संख्‍या 25 मिलियन हैजिसकी पिछले कुछ वर्षों में डीटीएच इंडस्‍ट्री के इतिहास में सबसे ज्‍यादा ग्रोथ है।

बताया जाता है कि प्राइवेट ब्रॉडकास्‍टर्स ‘डीडी फ्रीडिश’ को औसतन छह से आठ करोड़ रुपये का भुगतान कर रहे थे और ऐडवर्टाइजिंग रेवेन्‍यू से 500 से सात सौ करोड़ रुपये की कमाई कर रहे थे। चूंकि डीडी फ्रीडिश की पहुंच ज्‍यादा हैऐसे में उन्‍हें काफी कमाई हो रही थी जबकि दूरदर्शन के चैनलों को उतने दर्शक नहीं मिल पा रहे थे। इस कारण दूरदर्शन को ऐडवर्टाइजिंग रेवेन्‍यू का नुकसान हो रहा था।

फ्रीडिश पर टॉप रेटिंग वाले 15 टीवी चैनलों की रेटिंग अधिक है और इनमें लगभग सभी चैनल प्राइवेट टीवी चैनल हैंवहीं दूरदर्शन के चैनलों की रेटिंग बहुत कम हैजिसका मतलब साफ है कि इन्‍हें नहीं देखा जा रहा है।

  

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