इतने सारे मीडिया संस्थानों ने फैलाई अफवाह, सरकार ने किया खुलासा

इतने सारे मीडिया संस्थानों ने फैलाई अफवाह, सरकार ने किया खुलासा

Friday, 12 January, 2018

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

मोदी सरकार लगता है कई खबरों से परेशान हो चली है। तमाम तरह की अफवाहें सामने आती रहती हैं। सोशल मीडिया पर जब इन अफवाहों के समर्थन में किसी मीडिया संस्थान की खबर की क्लिप या लिंक भी आता है तो लोग भरोसा भी कर लेते हैं। ऐसे में मोदी सरकार के मंत्रियों ने बाकायदा हर मीडिया संस्थान का नाम और उसके द्वारा चलाई या छापी गई झूठी खबर के बारे में लिखकर ट्वीट करना शुरू कर दिया है। रेल मंत्री पीयूष गोयल के ट्वीट में ऐसी 4 झूठी खबरों की सच्चाई बताई गई है और गलत खबर छापने वाले मीडिया हाउसेज के नाम भी उजागर किए गए हैं।

पीयूष गोयल ने अपनी ट्वीट की शुरुआत इन लाइनों से की है, ‘मीडिया के एक वर्ग द्वारा पिछले कुछ समय से तथ्यों की जांच किए बिना गलत ख़बरें प्रसारित की जा रही हैं, जो अफवाहों को जन्म देती हैं, लोगों को इस प्रकार के समाचारों पर भरोसा ना कर सरकार द्वारा दी गई अधिकृत जानकारी पर विश्वास करना चाहिए।। इसके साथ ही चार ग्राफिक्स प्लेट्स भी इस ट्वीट्स के साथ फोटो के तौर पर शेयर की गई हैं। इन चारों प्लेट्स में चार खबर हैं जो झूठी या अफवाह हैं और उन्हीं के साथ खबर का सच क्या है वो तो लिखा ही है, झूठी खबर छापने वाले संस्थान का नाम भी लिखा है।

हर ग्राफिक्स प्लेट पर सबसे ऊपर हैडर में लिखा है झूठी खबरों से सावधान और सबसे नीचे लिखा है- झूठी खबरों से लड़ेंअभी शेयर करें। हर प्लेट में दो पार्ट हैं एक के ऊपर लिखा है झूठ’, और दूसरी के ऊपर लिखा है सच। पहली प्लेट में झूठ के नीचे लिखा हैदूसरी नोटबंदी की तैयारी में जुटी सरकार, 2000 के नोट की छपाई की बंद, 500 और 200 के नोट पर भी गिरेगी गाज। इस खबर के नीचे इसे छापने वाले मीडिया संस्थान पत्रिका का नाम लिखा हैजो राजस्थान पत्रिका ग्रुप की वेब डिवीजन है। प्लेट के आधे हिस्से में सच के नीचे जेटली के फोटो के साथ उनका बयान छपा हैलिखा है ऐसी कई अफवाहें फैलाई जा रही हैं कि 2000 का नोट वापस लिया जा रहा हैजो बिलकुल गलत है। ऐसी चीजों पर विश्वास ना करें।


दूसरी प्लेट में झूठ के नीचे लिखी है दूसरी खबर, जो फाइनेंशियल एक्सप्रेस की है, ये खबर है- ‘Soon, pay for each and every transaction, even for passbook updates, address changes’। इसी प्लेट के सच वाले सैक्शन में वित्त मंत्रालय के सचिव राजीव कुमार के फोटो के साथ एक बयान लगा है, वो ये है- ‘20 जनवरी से मुफ्त सेवाओं को बंद करने का बैंकों द्वारा कोई प्रस्ताव नहीं है, अफवाहों पर ध्यान ना दें।जबकि तीसरी प्लेट में राष्ट्रवादी समझे जानी वाले चैनल जी न्यूज की हिंदी वेबसाइट जी न्यूज हिंदी की खबर झूठ वाले सेक्शन में लगी है, खबर है, ‘जल्द ही चैक से लेन देन बंद कर देगी सरकार!। हालांकि एक्सक्लेमटरी साइन लगाकर खबर को अपुष्ट श्रेणी में रखा गया था, लेकिन सरकार ने इसे भी झूठ की श्रेणी में डाल कर सच वाले सेक्शन में अरुण जेटली का फोटो सहित बयान लगा दिया, ‘बैंक चैकबुक सुविधा को वापस लेने का कोई प्रस्ताव नहीं है


चौथी प्लेट में यूं तो पत्रिका का ही एक और झूठ बताया गया है, लेकिन दिलचस्प बात ये है कि आम तौर पर मोदी सरकार के विरोधी ठप्पे वाले चैनल एनडीटीवी को इसमें सच खबर दिखाने वाला बताया गया है। झूठ सेक्शन में पत्रिका की ये खबर लगाई गई है, ‘बैंकों में जमा आपका पैसा कभी भी हो सकता है जब्त, FRDI बिल में सरकार दे रही बैंकों को अधिकार। तो सच वाले सैक्शन में एनडीटीवी की एक खबर लगाई गई है, जिसमें लिखा है, ‘FRDI बिल: अरुण जेटली ने कहा बैंकों में रखे जनता के पैसे पर कोई आंच नहीं। हालांकि इन ग्राफिक्स प्लेट्स को जारी करने वाली एजेंसी का नाम ना तो उन पर लिखा है और ना ही रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बताया ही है। ऐसे में ये मानकर चला जा रहा है कि सरकार अब अपने खिलाफ चल रहे फर्जी खबरों के कैम्पेन के खिलाफ कमर कस चुकी है, 2019 की जो चिंता है।


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