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सर्फ एक्सेल के ऐड को लेकर किए जा रहे ट्वीट पर TOI ने दिया ये स्पष्टीकरण

Published At: Wednesday, 13 March, 2019 Last Modified: Wednesday, 13 March, 2019

समाचार4मीडिया ब्यूरो।.
ये काफी दिलचस्प मामला है और विवादों से भरा हुआ भी। लगातार लोग किसी ना किसी व्यक्ति या नेता को बदनाम करने के लिए प्रतिष्ठित मीडिया समूह की फेक खबरों को असली कहकर शेयर करते हैं। लेकिन इस बार नेताओं की बजाय एक प्रतिष्ठित कंपनी को निशाना बनाया गया है और फेक ट्वीट इस्तेमाल की गई टाइम्स ऑफ इंडिया की।

टाइम्स प्रबंधन की जानकारी में जैसे ही ये बात आई, वो सकते में आ गए और अपने हर पब्लिकेशन में इस बात पर सफाई दी है और खंडन किया है कि उन्होंने ऐसी कोई खबर नहीं छापी।

आखिर माजरा क्या है? अगर आपको याद हो कि कैसे पहले कुम्भ के रेड लेवल चाय के एड को लेकर और फिर सर्फ एक्सल के होली वाले एड को लेकर एक ही हफ्तेमें हिंदुस्तान यूनीलीवर कंपनी विवादों में आ गई। दवाब में और गलती मानकर कंपनी ने कुम्भ वाला एड तो हटा लिया लेकिन होली के उस एड पर वो बैकफुट पर आने को तैयार नहीं है, जिसमें एक मुस्लिम बच्चे को मस्जिद तक रंगों से बचाकर पहुंचाने के लिए एक हिंदू लड़की रंग फेंकने वालों बच्चों के साथ एक तरकीब इस्तेमाल करती है। विरोध करने वालों को होली के रंगों को ‘दाग’ कहना, ‘दाग अच्छे हैं’ वाला स्लोगन इस्तेमाल करना भी अच्छा नहीं लगा।

ये अलग बात है कि तमाम लोग इस एड को होली की मूलभावना यानी प्रेम भाव से भी जोड़कर जायज ठहरा रहे हैं और विरोध करने वालों को गलत। ऐसे में कई फेसबुक पेजों पर टाइम्स ऑफ इंडिया की एक ट्वीट का फोटो चिपकाया गया, जिसमें लिखा था, ‘’As a result of massive boycott by the hurt Hindu Community because of a Hindu shaming derogatory ad by Surf Excel, the company has already faced loss amounting close to Rs 10 crores which
is expected to rise further’’। यानी हिंदुस्तान यूनीलीवर लिमिटेड (HUL) को काफी नुकसान इस एड बनाने के बाद हिंदुओं के विरोध के चलते हुआ है।

अब टाइम्स ऑफ इंडिया ने ना केवल ट्वीट करके बाकायदा एक खबर लिखकर इस खबर का खंडन किया है, कि ना तो ये ट्वीट उनके ऑफीशियल एकाउंट से की गई है और ना ही उन्होंने ये खबर ही लिखी है। इस ट्वीट का कलर भी उनके कलर से अलग है, दूसरे टाइम्स ऑफ इंडिया के ट्विटर एकाउंट से कोई भी ट्वीट बिना खबर के लिंक के नहीं लगता है, जबकि इसमें किसी खबर का लिंक नहीं है। टाइम्स ने अपने फैक्ट चैक ट्विटर एकाउंट Times Fact Check से भी इस बारे में लोगों को जानकारी दी है कि ये ट्वीट उनका नहीं है।

आप टाइम्स ग्रुप का ये पूरा स्पष्टीकरण नीचे खबर पर क्लिक कर भी पढ़ सकते हैं

FAKE: Manufactured tweet made to look as if it’s from TOI verified account claims hul faced rs 10 crore loss. 

 



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