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मीडिया में दिखने वाले कई विज्ञापन आपको बना रहे 'फूल'..

Published At: Saturday, 23 June, 2018 Last Modified: Friday, 22 June, 2018

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

टीवी, न्यूजपेपर, रेडिया और अन्य साधनों पर दिखने वाले विज्ञापन हमें खूब लुभाते तो हैं, लेकिन इनमें से कई विज्ञापन भ्रामक होते हैं। कंपनियां तमाम तरह के विज्ञापन दिखाकर खरीदने के लिए हमें आकर्षित तो करती हैं, लेकिन गलाकाट प्रतिस्‍पर्धा के दौर में वे विज्ञापनों में झूठे तथ्‍यों और आंकड़ों को बढ़ा चढ़ाकर पेश करती हैं। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि जो आंकड़े सामने आए हैं वे कुछ इसी ओर इशारा करते हैं।

विज्ञापन पर नजर रखने वाली संस्था भारतीय विज्ञापन मानक परिषद (ASCI) को इस साल मार्च में 269 शिकायतें मिली, जिनमें से उसने 191 विज्ञापनों के खिलाफ शिकायतों को सही पाया है। शिकायत में इन विज्ञापनों को गुमराह करने वाला बताया गया है।

गुमराह करने वाले विज्ञापनों में स्मार्टफोन से लेकर बेसन और नमक बनाने वाली कंपनियों के नाम हैं। परिषद ने स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े 114 विज्ञापनों, 24 शिक्षा क्षेत्र, 35 खाद्य एवं पेय पदार्थ, 7 व्यक्तिगत देखभाल और 11 विभिन्न श्रेणियों के विज्ञापनों के खिलाफ शिकायतों को सही पाया।

जिन कंपनियों के विज्ञापनों को गुमराह करने वाला पाया गया है , उसमें स्मार्ट फोन बनाने वाली चीनी कंपनी ओपो मोबाइल के एफ 5 मॉडल का विज्ञापन, अडाणी विलमार का फॉर्चुन बेसन, सैमसंग का स्मार्टफोन ग्लैक्सी नोट 8 और टाटा केमिकल के टाटा सॉल्ट के विज्ञापन शामिल हैं।

ASCI (एडवरटाइजिंग स्‍टैंडर्ड काउंसि‍ल ऑफ इंडि‍या) के कस्‍टमर कम्‍प्‍लेंट काउंसि‍ल (CCC) की ओर से कहा गया है कि‍ वि‍ज्ञापन में बेसन को भारत का सबसे प्रशंसनीय ब्रांड बताया है। लेकि‍न यह स्‍पष्‍ट नहीं कि‍या गया है। इसे भी चूक माना गया है। 

विज्ञापन नियामक ने इसके अलावा सैमसंग के उस वि‍ज्ञापन को भी ग्राहकों के लि‍ए भ्रामक माना जो उसने अपने फ्लैगशि‍प स्‍मार्टफोन गैलेक्सी नोट 8 के लि‍ए दि‍या है। इसमें फोन को बेस्‍ट कैमरा फोन कहा गया है। इसके लि‍ए एक अखबार की ओर से कि‍ए गए फोन के रि‍व्‍यू का सहारा लि‍या गया है। वहीं, टाटा केमिकल्‍स के उस विज्ञापन को भी भ्रामक और विरोधाभासी पाया है, जि‍समें नमक में नो एडेड केमिकल्स की बात कही गई है। नमक में नो एडेड केमिकल्सका दावा करते हुए विज्ञापन में उल्लिखित अस्वीकरण के लिए भ्रामक और विरोधाभासीपाया गया था।

इसी प्रकार, ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन कंज्यूमर हेल्थकेयर की ओर से दि‍ए गए हॉरलि‍क्‍स के उस ऐड को भी भ्रामक माना है जि‍समें कहा गया है कि‍ इसमें तीन गुना ज्‍यादा प्रोटीन है। CCC ने कहा कि‍ यह इस ऐड में स्पष्ट नहीं है, क्‍योंकि‍ बाजार में प्रोटीन सामग्री के रूप में प्रोटीनएक्स भी है। ऐसे में यह साफ करना बेहद जरूरी है कि‍ क्‍या हॉरलि‍क्‍स प्रोटीनएक्स की तुलना में ज्‍यादा प्रोटीन दे रहा है।

इसके अलावा गार्नि‍यर के उस वि‍ज्ञापन पर भी आपत्‍ति‍ जताई है, जि‍सकी ब्रैंड एंबेसडर अलि‍या भट्ट हैं। न्‍यू गार्नि‍यर लाइट सीरम कम्‍प्‍लीट क्रीम के वि‍ज्ञापन में कहा गया है कि‍ यह एक हफ्ते में 3 टोन फेयर स्‍कि‍न देता है। ऐसे में सीसीसी ने इसे भी भ्रामक माना है।


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पोल

क्या इंडिया टीवी के चेयरमैन रजत शर्मा का क्रिकेट की दुनिया में जाना सही है?

हां, उम्मीद है कि वे वहां भी उल्लेखनीय कार्य कर सुधार करेंगे

नहीं, जिसका काम उसी को साजे। उनका कर्मक्षेत्र मीडिया ही है

बड़े लोगों की बातें, बड़े ही जाने, हम तो सिर्फ चुप्पी साधे

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